देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना मानी जाने वाली केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में मध्य प्रदेश के छतरपुर में पिछले 15 दिनों से चल रहा आंदोलन रविवार को पुलिस कार्रवाई के बाद समाप्त हो गया। प्रशासन ने धरना स्थल खाली कराकर प्रदर्शनकारियों को उनके गांव भेज दिया। आंदोलनकारियों का आरोप है कि आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर को पुलिस हिरासत में लेकर अस्पताल पहुंचाया गया। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि किसी भी प्रदर्शनकारी को गिरफ्तार नहीं किया गया। अधिकारियों के अनुसार, अमित भटनागर कई दिनों से अनशन पर थे और स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
जल, चिता और फांसी सत्याग्रह से जताया था विरोध
यह आंदोलन 3 जुलाई से चल रहा था। प्रदर्शन में शामिल आदिवासी परिवारों और ग्रामीणों ने परियोजना के विरोध में जल सत्याग्रह, चिता सत्याग्रह और प्रतीकात्मक फांसी सत्याग्रह जैसे अनोखे तरीके अपनाए। आंदोलनकारियों का कहना था कि परियोजना से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा, पुनर्वास और कानूनी अधिकार नहीं मिले हैं।
क्या है केन-बेतवा लिंक परियोजना
केन-बेतवा लिंक परियोजना राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना के तहत देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना है। इसकी अनुमानित लागत करीब 45 हजार करोड़ रुपये है। परियोजना के तहत केन नदी का अतिरिक्त पानी बेतवा नदी में पहुंचाया जाएगा, जिससे मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के 13 जिलों में सिंचाई और पेयजल सुविधा बढ़ाने का लक्ष्य है।
विरोध क्यों हो रहा है
परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों और आदिवासी परिवारों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और मुआवजा प्रक्रिया में कई अनियमितताएं हैं। उनका आरोप है कि कई पात्र परिवारों को पूरा मुआवजा नहीं मिला, जबकि प्रशासन का दावा है कि सभी पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार लाभ देने की प्रक्रिया जारी है।