सोनम वांगचुक की पत्नी का बड़ा आरोप: ‘सफदरजंग अस्पताल में इलाज नहीं, अवैध हिरासत’; हाईकोर्ट जाने का दावा

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर जारी विवाद के बीच उनकी पत्नी ने सफदरजंग अस्पताल और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर दावा किया कि अस्पताल की मेडिकल जानकारी और स्वतंत्र लैब की रिपोर्ट में अंतर है तथा परिवार को अपनी पसंद के अस्पताल में इलाज कराने की अनुमति नहीं दी जा रही।

X पर साझा की लंबी पोस्ट

सोनम वांगचुक की पत्नी ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर लिखा कि उनका अब सफदरजंग सरकारी अस्पताल पर भरोसा नहीं रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल ने परिवार को बताया था कि वांगचुक का पोटैशियम स्तर 2.9 तक गिर गया है और इसे गंभीर व जानलेवा स्थिति बताया गया। पत्नी का दावा है कि अस्पताल के सार्वजनिक हेल्थ बुलेटिन में यह वास्तविक आंकड़ा नहीं बताया गया और केवल “पोटैशियम का स्तर घट रहा है” जैसी सामान्य टिप्पणी की गई।

स्वतंत्र लैब रिपोर्ट का भी किया जिक्र

पोस्ट में दावा किया गया है कि कई घंटे तक अनुरोध करने के बाद परिवार को रात में रक्त का नमूना स्वतंत्र लैब में जांच के लिए भेजने की अनुमति मिली। पत्नी के अनुसार, उस लैब की रिपोर्ट में पोटैशियम स्तर 3.5 आया, जिसे उन्होंने सामान्य सीमा में बताया। हालांकि, इस स्वतंत्र लैब रिपोर्ट की पुष्टि किसी सरकारी एजेंसी या अस्पताल की ओर से नहीं की गई है।

निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की अनुमति नहीं मिलने का आरोप

पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि परिवार के बार-बार अनुरोध के बावजूद अस्पताल सोनम वांगचुक को डिस्चार्ज नहीं कर रहा और उन्हें किसी निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति भी नहीं दी जा रही। पत्नी ने यह भी दावा किया कि अस्पताल के फ्लोर पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं, जिससे परिवार की आवाजाही प्रभावित हो रही है। उन्होंने इसे “इलाज नहीं, बल्कि अवैध हिरासत” बताया।

हाईकोर्ट जाने का दावा

अपनी पोस्ट में सोनम वांगचुक की पत्नी ने यह भी दावा किया कि उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और वांगचुक को निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति के लिए तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया है।

अस्पताल का क्या है पक्ष

इससे पहले सफदरजंग अस्पताल की ओर से जारी हेल्थ अपडेट में कहा गया था कि सोनम वांगचुक की स्थिति फिलहाल स्थिर (Stable) है, लेकिन लंबे समय तक चले अनशन के कारण वे कमजोर हैं और उन्हें लगातार चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता है। अस्पताल ने यह भी कहा था कि उनका इलाज डॉक्टरों की निगरानी में जारी है।

मामला क्यों महत्वपूर्ण है

सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उन्हें स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब उनकी पत्नी के आरोपों के बाद इलाज की पारदर्शिता, मरीज की पसंद के अस्पताल में इलाज कराने के अधिकार और पुलिस की मौजूदगी को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।

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