पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस ने कई नए दावे किए हैं। जांच अधिकारियों के मुताबिक, 18 जून को लोहगढ़ किले पर हुई घटना कोई हादसा नहीं थी, बल्कि इसकी तैयारी पहले से की गई थी। पुलिस का आरोप है कि वारदात से एक दिन पहले सिया गोयल और चेतन चौधरी ने पुणे के लुल्लानगर स्थित एक कैफे में मुलाकात कर पूरी योजना बनाई थी।
पुलिस का दावा: इशारे के बाद दिया गया धक्का
जांच के अनुसार, घटना वाले दिन सिया गोयल कथित तौर पर पानी पीने या जूते का फीता बांधने के बहाने रास्ते में बैठ गई। पुलिस का कहना है कि यह चेतन चौधरी को संकेत देने के लिए किया गया था। इसके बाद पीछे चल रहे चेतन ने केतन को खाई की ओर धक्का दिया। जांच एजेंसी का यह भी दावा है कि सिया इसलिए बैठ गई थी ताकि गिरते समय केतन उसे पकड़ न सके।
वारदात से पहले हुई थी रिहर्सल
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी घटना से पहले भी लोहगढ़ किले पहुंचे थे। वहां कथित तौर पर हत्या के लिए उपयुक्त स्थान चुना गया और पूरी योजना की रिहर्सल की गई। अब जांच टीम उस जगह की पहचान करने में जुटी है, जहां यह रिहर्सल हुई थी।
टोल से बचने के लिए स्कूटर का इस्तेमाल
जांच में सामने आया है कि चेतन चौधरी पुणे से करीब 90 किलोमीटर दूर लोहगढ़ किले तक स्कूटर से पहुंचा। पुलिस का मानना है कि उसने कार का इस्तेमाल इसलिए नहीं किया ताकि टोल प्लाजा के रिकॉर्ड में उसका वाहन दर्ज न हो। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया स्कूटर जब्त कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, चेतन किले तक हूडी पहनकर पहुंचा था। वहां पहुंचने के बाद उसने हूडी उतारकर काली टी-शर्ट पहन ली और वारदात के बाद लौटते समय फिर हूडी पहनकर वापस चला गया।
गूगल सर्च हिस्ट्री भी जांच के दायरे में
जांच एजेंसी के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर गूगल पर लोहगढ़ किले के डेथ पॉइंट, वहां पहुंचने के रास्ते और अन्य संबंधित जानकारियां खोजी थीं। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
बचाव पक्ष ने पुलिस के दावों पर उठाए सवाल
सिया गोयल के वकील आशुतोष श्रीवास्तव ने पुलिस के दावों को चुनौती दी है। उनका कहना है कि पुलिस हिरासत में दिया गया बयान अदालत में स्वतः स्वीकार्य साक्ष्य नहीं माना जाता। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत में पूछा जाएगा कि पहले इस घटना को दुर्घटना क्यों माना गया और बाद में हत्या का मामला कैसे दर्ज किया गया।
परिवार से लंबी पूछताछ
जांच के दौरान पुलिस ने सिया गोयल के माता-पिता से करीब 12 घंटे तक पूछताछ की। इससे पहले उसके भाई से भी कई घंटे तक सवाल-जवाब किए गए थे। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है।