केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मानसून सत्र से पहले दिए एक साक्षात्कार में विपक्ष, खासकर वामपंथी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “वामपंथी बड़े चालाक होते हैं” और उनका उद्देश्य मुसलमानों के हितों की रक्षा करना नहीं, बल्कि उन्हें वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करना है। रिजिजू ने दावा किया कि बीजेपी की सोच इससे अलग है और पार्टी मुसलमानों को सबसे पहले भारत के नागरिक के रूप में देखती है।
क्या बोले किरेन रिजिजू
रिजिजू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी किसी भी समुदाय को वोट बैंक की राजनीति के नजरिए से नहीं देखती। उनके अनुसार पार्टी की नीति सभी नागरिकों के लिए समान दृष्टिकोण रखने की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल चुनावी लाभ के लिए मुस्लिम समुदाय के बीच डर और असुरक्षा का माहौल बनाने की कोशिश करते हैं।
वामपंथी दलों पर साधा निशाना
अपने बयान में रिजिजू ने कहा कि वामपंथी और कुछ विपक्षी दल मुसलमानों के वास्तविक विकास की बजाय उन्हें राजनीतिक रूप से प्रभावित करने की रणनीति अपनाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे दल समुदाय को केवल चुनावी गणित का हिस्सा मानते हैं, जबकि सरकार का लक्ष्य सभी नागरिकों तक योजनाओं का समान लाभ पहुंचाना है।
मानसून सत्र से पहले तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
रिजिजू का यह बयान ऐसे समय आया है जब संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक प्रस्तावित है। सत्र से पहले विभिन्न राजनीतिक दल अपने-अपने मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच माहौल बनाने में जुटे हैं। ऐसे में इस बयान को भी आगामी राजनीतिक रणनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया पर नजर
रिजिजू के बयान के बाद विपक्ष की ओर से प्रतिक्रिया आने की संभावना है। फिलहाल विभिन्न राजनीतिक दल इस मुद्दे पर अपनी-अपनी रणनीति तय करने में लगे हैं। आने वाले दिनों में यह बयान संसद और राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन सकता है।