मैहर में साइबर फ्रॉड पर राजस्थान पुलिस की फिर दबिश, 19 लाख की ठगी मामले में एक और युवक हिरासत में

राजस्थान के करीब 19 लाख रुपये के साइबर फ्रॉड मामले की जांच अब मध्य प्रदेश के मैहर तक पहुंच गई है। रविवार को राजस्थान पुलिस ने एक बार फिर मैहर में दबिश देकर एक और संदिग्ध युवक को पूछताछ के लिए अपने साथ ले लिया। राजस्थान के बारां जिले में दर्ज साइबर फ्रॉड के मामले में जांच कर रही पुलिस टीम रविवार को एक बार फिर मैहर पहुंची। पुलिस ने पहले से रिमांड पर चल रहे कियोस्क संचालक श्रीकांत लखेरा की निशानदेही पर कई लोगों से पूछताछ की। इसके बाद एक प्रमुख संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर राजस्थान रवाना हो गई। इससे पहले पुलिस इसी मामले में कियोस्क संचालक श्रीकांत लखेरा और वाहन चालक राजन लखेरा के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। राजन को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है, जबकि श्रीकांत से पूछताछ जारी है।

क्या है पूरा मामला?

राजस्थान के बारां जिले की रहने वाली एक महिला को बांध के डूब क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण के एवज में करीब 18 लाख रुपये का मुआवजा मिला था। महिला ने यह राशि बैंक में दो अलग-अलग एफडी के रूप में जमा कराई थी। कुछ समय बाद उन्हें पता चला कि बिना किसी फोन कॉल, ओटीपी या बैंक अलर्ट के उनकी एफडी तोड़कर करीब 18.93 लाख रुपये ऑनलाइन निकाल लिए गए। शिकायत मिलने पर साइबर पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें लेन-देन का लिंक मैहर जिले तक पहुंचा।

कियोस्क सेंटर के जरिए ठगी का शक

प्राथमिक जांच में पुलिस को संदेह है कि कियोस्क सेंटर की आड़ में लोगों के बैंक खाते खुलवाए जाते थे। इसके बाद एटीएम कार्ड, सिम और अन्य बैंकिंग जानकारी कथित तौर पर साइबर अपराधियों तक पहुंचाई जाती थी। जांच में यह भी सामने आया कि एक आरोपी के खाते में कथित तौर पर ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। बाद में कमीशन देने के बाद शेष राशि नकद निकालकर आगे पहुंचाई गई। पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

मैहर, रामनगर और अमरपाटन पर भी जांच एजेंसियों की नजर

हाल के महीनों में विभिन्न राज्यों की पुलिस टीमों ने मैहर, रामनगर और अमरपाटन क्षेत्र में कई बार दबिश दी है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि कुछ स्थानीय युवक साइबर अपराधियों के नेटवर्क से जुड़कर बैंक खाते उपलब्ध कराने और धन के लेन-देन में भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि, इन मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

जांच जारी, और खुलासे संभव

राजस्थान पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और कार्रवाई हो सकती है।

यह भी पढ़ें: बिना OTP टूटी 18.93 लाख की FD, साइबर ठगी में मैहर के दो आरोपी राजस्थान में गिरफ्तार


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *