मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने UCC की वकालत करते हुए विवाह व्यवस्था को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक बहस को और गर्मा दिया है।
UCC के समर्थन में क्या बोले सीएम मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) का समर्थन करते हुए कहा कि देश में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि भगवान राम ने एक विवाह किया, तो रहीम से भी एक विवाह की अपेक्षा की जानी चाहिए। उनका कहना था कि विवाह जैसे नागरिक मामलों में धर्म के आधार पर अलग-अलग कानून होने के बजाय सभी पर एक समान व्यवस्था लागू होनी चाहिए।
‘एक देश, एक कानून’ की दोहराई वकालत
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश का संविधान, राष्ट्रीय ध्वज और शासन व्यवस्था एक है, तो नागरिक कानून भी समान होने चाहिए। उन्होंने समान नागरिक संहिता को सामाजिक समानता और न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
मानसून सत्र में पेश हो सकता है UCC विधेयक
मध्य प्रदेश सरकार को UCC पर गठित उच्च स्तरीय समिति की अंतिम रिपोर्ट मिल चुकी है। सरकार 19 जुलाई को विशेष कैबिनेट बैठक में मसौदा विधेयक पर विचार कर सकती है। इसके बाद 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में इसे पेश किए जाने की तैयारी है।
कांग्रेस से भी मांगा रुख स्पष्ट करने को
मुख्यमंत्री ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस से भी समान नागरिक संहिता पर अपना रुख स्पष्ट करने की अपील की। उनका कहना है कि यह विषय वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठकर समान अधिकारों और समान कानून का है।
UCC क्या है
समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और संपत्ति जैसे नागरिक मामलों में सभी धर्मों के लिए एक समान कानून लागू करना है। वर्तमान में अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू हैं। UCC लागू होने पर इन मामलों में एक समान कानूनी व्यवस्था लागू होगी।