अब करंट से नहीं होगा टाइगर का शिकार, पेंच में 7 करोड़ की सुरक्षा योजना

पेंच टाइगर रिजर्व में करंट लगाकर बाघ और अन्य वन्यजीवों के शिकार पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है। करीब 7 करोड़ रुपये की लागत से जंगलों में गुजरने वाली बिजली लाइनों को सुरक्षित बनाया जाएगा। मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों, विशेषकर बाघों को करंट लगाकर शिकार करने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए बिजली विभाग और वन विभाग ने संयुक्त योजना तैयार की है। इसके तहत जंगलों से गुजरने वाली बिजली लाइनों में पारंपरिक एल्यूमीनियम तारों की जगह इंसुलेटेड कंडक्टर लगाए जाएंगे।

इस परियोजना पर लगभग 7 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। बिजली कंपनी ने इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर शासन को भेज दी है। मंजूरी मिलते ही काम शुरू किया जाएगा।

41 किलोमीटर लंबी 11 केवी लाइन बदली जाएगी

परियोजना के तहत 11 केवी की 41 किलोमीटर लंबी बिजली लाइन को इंसुलेटेड कंडक्टर से बदला जाएगा।

इन क्षेत्रों में काम प्रस्तावित है—

  • टुरिया उपकेंद्र
    • सतोषा फीडर – 4 किमी
    • जामुनटोला – 4 किमी
    • तेलिया – 8 किमी
    • मोगली अभ्यारण – 15 किमी
  • पचधार उपकेंद्र
    • खवासा – 4 किमी
    • पेंच – 5 किमी
  • ग्वारी उपकेंद्र
    • सागर फीडर – 4 किमी
  • गोपालगंज उपकेंद्र
    • 6 किमी लाइन

105 होटल और रिसॉर्ट भी होंगे लाभान्वित

इस परियोजना का फायदा केवल जंगलों तक सीमित नहीं रहेगा। जिन बिजली लाइनों को बदला जाएगा, उनके आसपास करीब 105 होटल और रिसॉर्ट भी स्थित हैं।

इनमें शामिल हैं—

  • सतोषा – 5
  • जामुनटोला – 24
  • तेलिया – 10
  • मोगली – 52
  • खवासा – 4
  • पेंच – 5
  • सागर – 1
  • गोपालगंज फीडर क्षेत्र – 3 रिसॉर्ट

इंसुलेटेड कंडक्टर लगाने से क्या होंगे फायदे

  • करंट लगाकर वन्यजीवों के शिकार पर रोक लगेगी।
  • जंगलों में निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी।
  • पेड़ों की शाखाएं तारों से टकराने पर फॉल्ट नहीं होगा।
  • तारों के संपर्क में पेड़ आने पर करंट नहीं फैलेगा।
  • आकाशीय बिजली से होने वाले नुकसान का खतरा कम होगा।
  • बिजली लाइन में बार-बार आने वाले फॉल्ट की समस्या घटेगी।

बिजली कंपनी के अधिकारी ने कहा

बिजली कंपनी के कार्यपालन अभियंता सुभाष राय ने बताया कि जंगलों में इंसुलेटेड कंडक्टर लगने से बिजली आपूर्ति अधिक सुरक्षित और निर्बाध होगी। साथ ही करंट फैलने की घटनाओं में कमी आएगी, जिससे वन्यजीवों, विशेषकर बाघों के करंट लगाकर शिकार पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।

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