कटनी। डिजिटल डेस्क
कटनी के चर्चित जमीन सौदा और पद के दुरुपयोग मामले में निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। जिला अदालत से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद SIT ने जांच भी तेज कर दी है।
तीन आरोपियों पर 10-10 हजार का इनाम
कटनी पुलिस ने नेहा पच्चीसिया समेत मामले में फरार दो अन्य आरोपियों क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी की गिरफ्तारी पर भी 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस और SIT आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर कार्रवाई कर रही है।
मामले में FIR दर्ज होने के बाद से तीनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई अब गिरफ्तारी के साथ-साथ मामले से जुड़े दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाने पर भी केंद्रित है।
जिला अदालत ने अग्रिम जमानत की याचिका खारिज की
29 अगस्त को कटनी जिला एवं सत्र न्यायालय ने नेहा पच्चीसिया की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत में अभियोजन और SIT की ओर से मामले की जांच तथा सामने आए तथ्यों को आधार बनाकर अग्रिम राहत का विरोध किया गया था।
अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद पुलिस के लिए उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक, उनके पास अब उच्च न्यायालय का रुख करने का विकल्प है।
SIT ने CSP कार्यालय से जुटाए साक्ष्य
अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद SIT ने कटनी स्थित CSP कार्यालय की तलाशी ली। 31 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, टीम ने कार्यालय से जमीन सौदे से संबंधित दस्तावेज, कुठला थाने की केस डायरी, कार्यालयीन रजिस्टर, कंप्यूटर हार्ड ड्राइव, पेन ड्राइव, CCTV DVR और अन्य डिजिटल सामग्री जब्त की है। इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी।
जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जमीन सौदे और मामले से जुड़े घटनाक्रम में कार्यालयीन रिकॉर्ड तथा डिजिटल संचार की क्या भूमिका रही।
क्या है जमीन सौदा मामला
कटनी के कुठला थाने में 19 अगस्त को नेहा पच्चीसिया समेत तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। यह मामला हत्या के एक आरोपी से जुड़े जमीन सौदे और पुलिस पद के कथित दुरुपयोग से संबंधित है। इसके बाद मध्य प्रदेश सरकार ने नेहा पच्चीसिया को निलंबित कर दिया था और मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई।
मामले में आरोप है कि हत्या के आरोपी को डिफॉल्ट जमानत का लाभ दिलाने के लिए निर्धारित अवधि में चार्जशीट दाखिल नहीं की गई। इसके बाद आरोपी पक्ष पर दबाव बनाकर जमीन कम कीमत पर खरीदने का आरोप भी लगाया गया है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस जमीन का बाजार मूल्य करीब 1.07 करोड़ रुपये बताया गया, उसकी रजिस्ट्री करीब 18 लाख रुपये में कराने का आरोप है।
इसके अलावा मामले में एक हाइवा वाहन छोड़ने के बदले 30 हजार रुपये की कथित रिश्वत से जुड़े आरोपों की भी जांच का उल्लेख सामने आया है।
विदेश जाने की आशंका, लुकआउट नोटिस की तैयारी
30 अगस्त की रिपोर्टों में नेहा पच्चीसिया और अन्य आरोपियों के विदेश भागने की आशंका के चलते लुकआउट नोटिस की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, इसे आरोपियों के विदेश भागने की पुष्टि के तौर पर नहीं देखा जा सकता; यह पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी सूचना है।
अब जांच का फोकस क्या है
SIT की ताजा कार्रवाई से साफ है कि जांच अब केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। पुलिस जमीन सौदे से जुड़े दस्तावेजों, केस डायरी, कार्यालयीन रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की भी जांच कर रही है। फॉरेंसिक जांच से इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और उपलब्ध रिकॉर्ड के बीच संबंधों की पड़ताल की जाएगी।