सिवनी। डिजिटल डेस्क
ऑनलाइन शॉपिंग के प्रोडक्ट का रिफंड या एक्सचेंज कराने के लिए इंटरनेट पर कस्टमर केयर नंबर सर्च करना सिवनी के एक व्यक्ति को महंगा पड़ गया। फर्जी कस्टमर केयर कर्मचारी के झांसे में आकर रिफंड के नाम पर मोबाइल में एप इंस्टॉल करते ही उनके बैंक खाते से 80 हजार रुपये डेबिट हो गए।
इंटरनेट पर कस्टमर केयर नंबर खोजना पड़ा भारी
कोतवाली पुलिस के मुताबिक ज्यारत नाका स्थित एसबीआई कॉलोनी निवासी अभिजीत रघुवंशी (45) ने फ्लिपकार्ट से मिले एक प्रोडक्ट को एक्सचेंज या रिफंड कराने के लिए इंटरनेट पर कस्टमर केयर नंबर सर्च किया था। सर्च के दौरान मिले एक नंबर पर उन्होंने कॉल किया।
कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने खुद को कस्टमर केयर कर्मचारी बताया और बातचीत के लिए वॉट्सऐप कॉल करने को कहा। इसके बाद आरोपी ने रिफंड की प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर अभिजीत को अपने झांसे में लिया।
रिफंड के नाम पर कराया एप इंस्टॉल
आरोपी ने अभिजीत से कहा कि रिफंड के लिए एक अलग प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके लिए मोबाइल में ‘रिफंड पोर्टल’ नाम का एप इंस्टॉल करने को कहा गया।
अभिजीत ने आरोपी के बताए तरीके से एप इंस्टॉल कर लिया। एप खोलते ही मोबाइल की स्क्रीन ब्लैक हो गई और कुछ समय के लिए फोन उनके नियंत्रण से बाहर हो गया। हालांकि इस दौरान आरोपी से बातचीत जारी रही।
फोन सामान्य हुआ तो खाते से निकल चुके थे 80 हजार
कुछ देर बाद मोबाइल सामान्य होने पर अभिजीत ने फोन देखा। उन्हें बैंक खाते से रकम डेबिट होने का मैसेज मिला। बैंक खाते की जांच करने पर पता चला कि 80 हजार रुपये वास्तव में खाते से निकल चुके थे।
रकम कटने के बाद आरोपी ने दूसरे मोबाइल नंबर से दोबारा वॉट्सऐप कॉल की। अभिजीत ने जब खाते से पैसे निकलने की जानकारी दी तो आरोपी ने रकम वापस कराने का भरोसा दिलाया और उनका फोन-पे नंबर मांगा।
परिचित का फोन-पे नंबर दिया
अभिजीत ने अपना फोन-पे नंबर देने के बजाय एक परिचित का फोन-पे नंबर आरोपी को दे दिया। इसके बाद आरोपी ने कॉल काट दी। बाद में अभिजीत ने कई बार आरोपी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उससे दोबारा बात नहीं हो सकी।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना एक बार फिर यह बताती है कि ऑनलाइन रिफंड या एक्सचेंज के लिए किसी अनजान नंबर पर भरोसा करने और मोबाइल में संदिग्ध एप इंस्टॉल करने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है।