राम मंदिर के नए CEO जितेंद्र मिश्र ने संभाली कमान, आज CM योगी की करेंगे अगवानी; जानिए क्या होगी जिम्मेदारी

अयोध्या। डिजिटल डेस्क

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नवनियुक्त CEO और सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र ने कार्यभार संभाल लिया है। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने ट्रस्ट पदाधिकारियों के साथ बैठकें कर मंदिर की व्यवस्थाओं, सुरक्षा, कर्मचारियों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को समझना शुरू कर दिया है।

पहले ही संभाल चुके हैं कार्यभार

जितेंद्र मिश्र को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त किया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने 6 सितंबर को औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण कर लिया था। इसके बाद उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि और अन्य पदाधिकारियों के साथ बैठकें कीं।

इन बैठकों में मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं, कर्मचारियों, सुरक्षा, पूजा-पद्धति और श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधाओं से जुड़े पहलुओं को समझा गया।

आज CM योगी की करेंगे अगवानी

8 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या दौरे पर हैं। राम मंदिर पहुंचने पर नवनियुक्त CEO जितेंद्र मिश्र उनकी अगवानी करेंगे। यह CEO की जिम्मेदारी संभालने के बाद मुख्यमंत्री के साथ उनकी पहली मुलाकात होगी। मंदिर की व्यवस्थाओं और आगामी कार्ययोजना को लेकर दोनों के बीच चर्चा की संभावना भी जताई गई है।

मंदिर प्रशासन और वित्तीय व्यवस्था पर रहेगी नजर

CEO के तौर पर जितेंद्र मिश्र की जिम्मेदारी मंदिर के प्रशासनिक और वित्तीय प्रबंधन से लेकर सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों के संचालन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं तक रहेगी। उनकी नियुक्ति को ट्रस्ट के संस्थागत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि के मुताबिक नीति और बड़े निर्णय ट्रस्ट करेगा, जबकि उन फैसलों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी CEO की होगी।

नई टीम के साथ आगे बढ़ेंगे जितेंद्र मिश्र

जितेंद्र मिश्र ने शुरुआती दौर में मंदिर की मौजूदा व्यवस्था को समझने पर जोर दिया है। इसके बाद CEO के लिए अलग टीम गठित किए जाने की योजना है। इसमें मंदिर की मौजूदा व्यवस्था से परिचित और विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखने वाले अधिकारी-कर्मचारी शामिल किए जा सकते हैं।

CEO के अधिकार और कार्यक्षेत्र को स्पष्ट करने के लिए SOP तैयार किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। इसी व्यवस्था के आधार पर आगे मंदिर के प्रशासनिक संचालन को गति दी जाएगी।

39 साल की वायुसेना सेवा का अनुभव

जितेंद्र मिश्र ने भारतीय वायुसेना में करीब 39 साल सेवा की है। वे 6 दिसंबर 1986 को वायुसेना में कमीशन हुए थे और कई महत्वपूर्ण सैन्य जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अब सैन्य सेवा के अनुभव का इस्तेमाल वे राम मंदिर के प्रशासनिक प्रबंधन में करेंगे।

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