सागर जहरीली शराब कांड: मौतों के आंकड़े पर बड़ा सवाल, 22 मौतों की रिपोर्ट; 112 लोग अस्पताल में भर्ती

सागर। डिजिटल डेस्क

मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में कथित जहरीली शराब पीने से बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौतों का मामला सामने आया है। अलग-अलग रिपोर्टों में मृतकों की संख्या को लेकर अंतर है। एक ओर प्रशासनिक आंकड़ा कम है, वहीं स्थानीय जानकारी और मीडिया रिपोर्टों में 22 से 24 तक मौतों का दावा सामने आया है।

जहरीली शराब से 22 मौतों की रिपोर्ट

बंडा और आसपास के गांवों में कथित जहरीली शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने का सिलसिला सामने आया। कई लोगों को सागर और भोपाल के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 22 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि कुछ रिपोर्टों में यह संख्या 24 तक बताई गई है।

हालांकि, प्रशासन की ओर से जारी आंकड़े इससे कम रहे हैं। यही वजह है कि घटना में मौतों की वास्तविक संख्या को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

112 लोग अस्पताल में भर्ती

रिपोर्टों के मुताबिक करीब 112 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें कई मरीजों की हालत गंभीर बताई गई है। गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है।

डॉक्टरों ने जहरीली शराब में मेथनॉल या मिथाइल अल्कोहल की मौजूदगी की आशंका जताई है। कुछ पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी विषाक्तता के संकेत मिलने की बात सामने आई है। हालांकि अंतिम पुष्टि विसरा और अन्य जांच रिपोर्ट आने के बाद होगी।

30 आरोपियों पर FIR, 14 गिरफ्तार

मामले में शराब ठेकेदार समेत 30 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि संदिग्ध शराब कहां तैयार की गई, किसके जरिए गांवों तक पहुंची और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।

SDM और SDOP पर भी कार्रवाई

घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई की गई है। बंडा की SDM आरती यादव को हटाकर सागर कलेक्टर कार्यालय से अटैच किया गया है। वहीं बंडा SDOP प्रदीप वाल्मीकि को भी हटाकर पुलिस मुख्यालय भोपाल अटैच किया गया है।

सरकार ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए हैं। जांच में शराब की तैयार करने, भंडारण और वितरण से लेकर संबंधित विभागों की भूमिका और संभावित लापरवाही की जांच की जाएगी।

मौतों के आंकड़े में अंतर क्यों

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल मौतों की संख्या को लेकर है। प्रशासन की ओर से जारी आंकड़े और अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में सामने आ रहे आंकड़ों में अंतर दिखाई दे रहा है।

कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने प्रशासन पर मौतों के आंकड़े छिपाने का आरोप लगाते हुए 50 से ज्यादा मौतों का दावा किया है। हालांकि यह उनका राजनीतिक दावा है और इसकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

ऐसे में फिलहाल 22 से 24 मौतों के आंकड़े को रिपोर्टों में सामने आया आंकड़ा माना जा सकता है। घटना में वास्तविक मौतों की संख्या जांच और प्रशासनिक रिकॉर्ड के सत्यापन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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