आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Persistent Systems के शेयर में सोमवार को करीब 11% की बड़ी गिरावट देखने को मिली। कंपनी द्वारा जर्मनी की आईटी कंपनी Nagarro के अधिग्रहण का ऐलान करने के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे शेयर दबाव में आ गया।
हालांकि, बाजार की इस कमजोरी के बावजूद कुछ ब्रोकरेज हाउस कंपनी के लंबे समय के आउटलुक को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं। एक प्रमुख ब्रोकरेज ने शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए करीब 44% तक अपसाइड का लक्ष्य दिया है।
शेयर में गिरावट क्यों आई
विश्लेषकों के मुताबिक, निवेशकों की चिंता मुख्य रूप से Nagarro के अधिग्रहण सौदे को लेकर है। बाजार को आशंका है कि इस डील की ऊंची कीमत, इंटीग्रेशन की चुनौतियां और शुरुआती दौर में मार्जिन पर दबाव कंपनी के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं। इसी वजह से शेयर में तेज बिकवाली देखने को मिली।
ब्रोकरेज क्यों है बुलिश
कुछ ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि Nagarro का अधिग्रहण लंबी अवधि में Persistent Systems की वैश्विक मौजूदगी को मजबूत करेगा। साथ ही AI, डिजिटल इंजीनियरिंग और क्लाउड सेवाओं में कंपनी की मजबूत स्थिति भविष्य में बेहतर ग्रोथ का आधार बन सकती है। इसी वजह से शेयर पर सकारात्मक रुख बनाए रखा गया है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
विशेषज्ञों का कहना है कि अल्पावधि में शेयर में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, क्योंकि बाजार इस बड़े अधिग्रहण के वित्तीय असर का आकलन कर रहा है। वहीं, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी पर नजर रखना अहम होगा।