रीवा। डिजिटल डेस्क
लोकायुक्त की कार्रवाई में 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़े गए लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रभारी अधीक्षण यंत्री कैलाश कुमार लच्छे के खिलाफ अब शासन ने निलंबन की कार्रवाई की है। मध्य प्रदेश शासन के लोक निर्माण विभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
लच्छे को 11 अगस्त 2026 को लोकायुक्त पुलिस ने 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था। अब उसी मामले को आधार बनाते हुए विभागीय स्तर पर यह कार्रवाई की गई है।
लोकायुक्त ने 11 अगस्त को पकड़ा था
कैलाश कुमार लच्छे रीवा मंडल में प्रभारी अधीक्षण यंत्री (सिविल) के तौर पर पदस्थ थे। 11 अगस्त को लोकायुक्त पुलिस की टीम ने उन्हें रिश्वत लेते पकड़ा था।
इस कार्रवाई के बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े प्रकरण में कानूनी कार्रवाई की गई। लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई के बाद से ही विभागीय स्तर पर भी मामले में कार्रवाई की संभावना जताई जा रही थी। अब शासन ने उन्हें निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है।
निलंबन अवधि में भोपाल रहेगा मुख्यालय
शासन के आदेश के मुताबिक निलंबन अवधि के दौरान कैलाश कुमार लच्छे का मुख्यालय भोपाल रहेगा। निलंबन के दौरान उन्हें संबंधित नियमों के तहत जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। विभागीय कार्रवाई का आधार लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई और सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन बताया गया है।
पहले रिश्वत लेते पकड़े गए, अब विभाग ने की कार्रवाई
कैलाश कुमार लच्छे के मामले में यह कार्रवाई लोकायुक्त की गिरफ्तारी के बाद सामने आया नया अपडेट है। 11 अगस्त को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़े जाने की खबर DeshKiDiary ने भी प्रमुखता से प्रकाशित की थी। अब शासन की ओर से निलंबन की कार्रवाई के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में है। लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद सामने आए मामले में अब विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई भी महत्वपूर्ण होगी।
क्या था मामला
लोकायुक्त पुलिस ने 11 अगस्त को PWD के रीवा मंडल के प्रभारी अधीक्षण यंत्री कैलाश कुमार लच्छे को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया था। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई की थी। अब शासन के निलंबन आदेश के बाद उनके खिलाफ विभागीय प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी।
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