अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। जांच एजेंसियों को जानकारी मिली है कि आरोपी टिन्नू यादव की पत्नी के नाम से पंजीकृत एक कंस्ट्रक्शन फर्म को राम मंदिर निर्माण से जुड़े लगभग 45 लाख रुपये के कार्य का ठेका मिला था। इस खुलासे के बाद जांच का दायरा और व्यापक हो गया है।
टिन्नू यादव की कंस्ट्रक्शन फर्म पर कैसे पहुंची जांच
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एसआईटी जब टिन्नू यादव और उसके परिवार की संपत्तियों तथा वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही थी, तब पत्नी के नाम से पंजीकृत एक कंस्ट्रक्शन फर्म का पता चला। जांच में सामने आया कि इसी फर्म को राम मंदिर निर्माण से जुड़े करीब 45 लाख रुपये के निर्माण कार्य का ठेका मिला था। हालांकि अभी तक जांच एजेंसियों ने इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रेस नोट जारी नहीं किया है, लेकिन यह जानकारी जांच से जुड़े सूत्रों के आधार पर सामने आई है।
चढ़ावा चोरी मामले में लगातार हो रहे नए खुलासे
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी लगातार नए पहलुओं की जांच कर रही है। इससे पहले भी जांच में टिन्नू यादव की मंदिर परिसर में सक्रिय भूमिका, दान पेटियों तक पहुंच, बैंक खातों, संपत्तियों और कथित आर्थिक लेन-देन से जुड़े कई तथ्य सामने आ चुके हैं। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगा रही हैं कि आरोपी और उससे जुड़े लोगों ने किन-किन माध्यमों से आर्थिक लाभ प्राप्त किया और क्या इन गतिविधियों का आपस में कोई संबंध है।
क्या है पूरा मामला
राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान में कथित अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया था। जांच के दौरान कई लोगों से पूछताछ की गई और टिन्नू यादव को भी जांच के दायरे में लिया गया। अब कंस्ट्रक्शन फर्म और मंदिर निर्माण कार्य से जुड़े नए खुलासे ने इस पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
कंस्ट्रक्शन फर्म को 45 लाख रुपये का कार्य मिलने की जानकारी मीडिया रिपोर्टों में सामने आई है। इस संबंध में एसआईटी या श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है। जांच आगे बढ़ने के साथ और नए तथ्य सामने आ सकते हैं।