अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के बीच शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। दोनों ने बताया कि उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी (Moral Responsibility) लेते हुए यह फैसला किया है।
चढ़ावा विवाद के बाद आया फैसला
हाल के दिनों में राम मंदिर में चढ़ावे और नकदी प्रबंधन को लेकर विवाद सामने आया था। इस मामले में पहले पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी और जांच का दायरा लगातार बढ़ता गया। इसी बीच ट्रस्ट के दो वरिष्ठ पदाधिकारियों के इस्तीफे ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
नैतिक आधार पर छोड़ा पद
सूत्रों के अनुसार, चंपत राय ने अपने इस्तीफे में कहा कि विवाद के बीच जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ सके, इसलिए उन्होंने नैतिक आधार पर पद छोड़ने का निर्णय लिया। ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने भी इसी आधार पर अपना इस्तीफा सौंपा। हालांकि, इस्तीफों पर ट्रस्ट की ओर से अंतिम निर्णय और औपचारिक स्वीकृति की प्रक्रिया अलग से पूरी की जाएगी।
पहले भी जांच के घेरे में आए थे दोनों
चढ़ावा विवाद की जांच के दौरान गठित विशेष जांच दल (SIT) ने इससे पहले चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा से दान राशि की गिनती, कर्मचारियों की नियुक्ति, सीसीटीवी निगरानी और नकदी प्रबंधन से जुड़े कई सवाल पूछे थे। हालांकि, पूछताछ का मतलब दोष सिद्ध होना नहीं होता और मामले की जांच अभी जारी है।
अब आगे क्या
इस्तीफों के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि ट्रस्ट में इन पदों की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी और जांच का अगला चरण क्या होगा। दूसरी ओर, पुलिस और एसआईटी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच जारी रखे हुए हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।