रांची। झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान अनशन पर बैठे छात्र राहुल की तबीयत शुक्रवार को बिगड़ गई। स्वास्थ्य खराब होने पर मौके पर मौजूद चिकित्सकों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। इस घटनाक्रम के बाद आंदोलन स्थल पर मौजूद छात्रों और समर्थकों में चिंता बढ़ गई।
14वें दिन भी जारी रहा आंदोलन
JPSC और JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार 14वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं। कई छात्र पिछले कई दिनों से क्रमिक और आमरण अनशन पर बैठे हैं।
राहुल की तबीयत क्यों बिगड़ी
लगातार भूख हड़ताल के कारण राहुल की शारीरिक स्थिति कमजोर होती गई। मेडिकल टीम ने जांच के दौरान स्वास्थ्य में गिरावट देखी और एहतियात के तौर पर उन्हें अस्पताल भेजने का फैसला लिया। आंदोलनकारियों ने कहा कि उनकी मांगें पूरी होने तक विरोध जारी रहेगा।
सरकार और छात्रों के बीच क्या हुई बातचीत
आंदोलन के बढ़ते दबाव के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से पहल की गई। छात्र प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया गया। सरकारी अधिकारी भी आंदोलन स्थल पहुंचे, लेकिन छात्रों का कहना है कि जब तक ठोस निर्णय नहीं होगा, आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
आंदोलन को मिल रहा राजनीतिक समर्थन
यह आंदोलन अब राजनीतिक मुद्दा भी बन चुका है। भाजपा विधायकों ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत कर उनका पक्ष जाना। इससे आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा मिली है।
आगे की रणनीति
प्रदर्शनकारी छात्रों ने घोषणा की है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो वे विधानसभा घेराव समेत आंदोलन को और तेज करेंगे। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मामलों की जांच जारी है और समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।