मोरबी (गुजरात)। मोरबी जिले के वीरपर्दा (Virparda) गांव का एक कृषि कुआं इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। करीब 18 फीट गहरे इस कुएं का पानी पिछले पांच दिनों से लगातार लहरों की तरह हिल रहा है। हैरानी की बात यह है कि इलाके में न तो कोई भूकंप आया और न ही तेज हवा चली, फिर भी पानी लगातार ऊपर-नीचे हो रहा है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोग कुएं को देखने पहुंच रहे हैं।
आखिर कब शुरू हुई यह रहस्यमयी हलचल?
कुएं के मालिक प्राणजीवन सदारिया के अनुसार, 2 अगस्त को खेत पर पहुंचने के दौरान उन्होंने देखा कि कुएं का पानी सामान्य नहीं है। पानी में लगातार लहरें उठ रही थीं और कुछ जगहों पर पानी बाहर भी छलक रहा था। शुरुआत में लोगों ने इसे सामान्य घटना समझा, लेकिन जब कई दिनों तक यही स्थिति बनी रही तो प्रशासन को सूचना दी गई।
क्या यह भूकंप का संकेत है
वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने इसे संभावित भूकंप या जमीन के भीतर हलचल से जोड़ना शुरू कर दिया। लेकिन गांधीनगर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ सीस्मोलॉजिकल रिसर्च (ISR) ने स्पष्ट किया कि मोरबी क्षेत्र में हाल के दिनों में कोई भूकंपीय गतिविधि या सक्रिय फॉल्ट लाइन दर्ज नहीं हुई है। यानी फिलहाल इस घटना का भूकंप से कोई संबंध नहीं माना जा रहा।
वैज्ञानिक क्या मान रहे हैं
जिला भू-वैज्ञानिक जे. एस. वाधेर के अनुसार शुरुआती जांच में यह घटना भारी बारिश के बाद भूजल रिचार्ज (Groundwater Recharge) और चट्टानों के भीतर फंसी हवा (Trapped Air) के बाहर निकलने से जुड़ी हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब बारिश के बाद बड़ी मात्रा में पानी जमीन के भीतर पहुंचता है तो चट्टानों और मिट्टी की परतों में दबाव बन सकता है। इससे फंसी हुई हवा बाहर निकलती है, जो पानी की सतह पर लगातार कंपन या लहरों जैसी स्थिति पैदा कर सकती है। हालांकि यह केवल प्रारंभिक अनुमान है और इसकी वैज्ञानिक पुष्टि अभी बाकी है।
सरकार ने क्यों भेजी विशेषज्ञों की टीम
मोरबी कलेक्टर स्वप्निल खरे ने बताया कि घटना की जानकारी राज्य सरकार को दे दी गई है। मामले की जांच के लिए ग्राउंड वाटर रिसर्च इंस्टीट्यूट (GWRI) की तकनीकी टीम मौके पर भेजी गई है। यह टीम मिट्टी, चट्टानों और भूजल की स्थिति का अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। अंतिम निष्कर्ष इसी रिपोर्ट के आधार पर सामने आएगा।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
कुएं के पानी में लगातार उठ रही लहरों का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो देखने के बाद आसपास के गांवों के लोग भी मौके पर पहुंचने लगे। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और वैज्ञानिक जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने की अपील की है।
क्या पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
भू-वैज्ञानिकों के अनुसार दुनिया के कई हिस्सों में भूजल स्तर, भूमिगत दबाव, गैस या हवा के निकलने तथा वर्षा के बाद जलभरण (Recharge) जैसी वजहों से पानी में असामान्य हलचल देखी गई है। हालांकि मोरबी की घटना का वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल विशेषज्ञ इसे प्राकृतिक भू-वैज्ञानिक प्रक्रिया मानकर जांच कर रहे हैं।
क्या है अब तक के प्रमुख तथ्य
- घटना गुजरात के मोरबी जिले के वीरपर्दा गांव की है।
- कुआं लगभग 18 फीट गहरा और हाल ही में बनाया गया है।
- 2 अगस्त से लगातार पानी में लहरें उठ रही हैं।
- ISR ने भूकंपीय गतिविधि से इनकार किया है।
- शुरुआती जांच में भूजल रिचार्ज और चट्टानों में फंसी हवा को संभावित कारण माना गया है।
- GWRI की विशेषज्ञ टीम विस्तृत वैज्ञानिक जांच कर रही है।