उत्तराखंड के अल्मोड़ा से देश के लिए गर्व की खबर आई है। युवा इनोवेटर रवि टम्टा ने अपने स्टार्टअप के जरिए विकसित इलेक्ट्रिक पर्सनल फ्लाइंग व्हीकल HAPIDA SKYNeX का सफल परीक्षण कर नई उपलब्धि हासिल की है। यह सफलता भारत में व्यक्तिगत हवाई परिवहन (Personal Air Mobility) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
आर्मी हेलीपैड पर हुआ सफल परीक्षण
अल्मोड़ा जिले के आर्मी हेलीपैड पर किए गए इस परीक्षण में रवि टम्टा स्वयं वाहन में सवार हुए। उड़ान लगभग 1 मिनट 37 सेकंड तक चली। इस दौरान फ्लाइंग व्हीकल करीब 20 फीट की ऊंचाई तक पहुंचा, निर्धारित क्षेत्र में चक्कर लगाया और सुरक्षित तरीके से जमीन पर उतर गया। परीक्षण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
ड्रोन तकनीक पर आधारित है HAPIDA SKYNeX
रवि टम्टा ने बताया कि HAPIDA SKYNeX एक सिंगल-सीटर इलेक्ट्रिक पर्सनल फ्लाइंग व्हीकल है, जिसे उन्नत ड्रोन तकनीक के आधार पर विकसित किया गया है। यह पूरी तरह बिजली से संचालित होता है और पारंपरिक विमानन ईंधन पर निर्भर नहीं है। इसका उद्देश्य सुरक्षित, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल व्यक्तिगत हवाई परिवहन उपलब्ध कराना है।
पहाड़ों में बदल सकती है सफर की तस्वीर
रवि टम्टा के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में जहां 40 किलोमीटर की दूरी तय करने में लगभग 90 मिनट लगते हैं, वहीं इस तकनीक की मदद से वही दूरी भविष्य में करीब 10 मिनट में पूरी की जा सकती है। इससे दूरस्थ गांवों की कनेक्टिविटी, आपदा राहत, मेडिकल इमरजेंसी और पर्यटन क्षेत्र को बड़ा लाभ मिल सकता है।
अभी प्रोटोटाइप चरण में, आगे होंगे और परीक्षण
हालांकि HAPIDA SKYNeX अभी प्रोटोटाइप चरण में है। व्यावसायिक उपयोग से पहले इसे कई और तकनीकी परीक्षणों और नियामकीय (Regulatory) मंजूरियों से गुजरना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि भारत में एडवांस्ड एयर मोबिलिटी (Advanced Air Mobility) के क्षेत्र में नए अवसर खोल सकती है।
कौन हैं रवि टम्टा
रवि टम्टा उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के काफलीखान गांव के रहने वाले युवा इनोवेटर हैं। उन्होंने Hapida Sky Private Limited की स्थापना कर स्वदेशी तकनीक से व्यक्तिगत उड़ान वाहन विकसित करने का लक्ष्य रखा है। यह उनका पहला नवाचार नहीं है; इससे पहले भी वे कई तकनीकी प्रयोगों के लिए चर्चा में रह चुके हैं।