सतना और पन्ना जिले की सीमा से लगे पाथर कछार के जंगल में एक युवक का कंकाल मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों ने मौके पर मिले कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान पन्ना जिले के 45 वर्षीय दुर्गेश सिंह के रूप में की है। पुलिस ने डीएनए जांच के लिए दांत सुरक्षित रखे हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है।
ग्रामीण की सूचना पर पहुंची पुलिस
बरौंधा थाना क्षेत्र के पन्ना-सतना बॉर्डर स्थित पाथर कछार के जंगल में गुरुवार को एक ग्रामीण ने कंकाल देखा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए सतना जिला अस्पताल भेज दिया।
डीएनए जांच के लिए दांत किए गए सुरक्षित
मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने कंकाल का परीक्षण किया। पहचान की पुष्टि के लिए दांतों को डीएनए जांच हेतु सुरक्षित रखा गया है। वहीं, हड्डियों के बीच मिले मांस के अवशेष को रासायनिक परीक्षण के लिए संरक्षित किया गया है।
प्रारंभिक फॉरेंसिक जांच में शरीर पर किसी तरह की बाहरी चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। हालांकि, मौत के कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
कपड़ों से हुई दुर्गेश सिंह की पहचान
बरौंधा थाना प्रभारी के अनुसार, कंकाल के पास मिले कपड़ों के आधार पर परिजनों ने मृतक की पहचान दुर्गेश सिंह (45 वर्ष), पिता बेटू सिंह, निवासी नरदहा, थाना धरमपुर, जिला पन्ना के रूप में की है। अंतिम पुष्टि डीएनए रिपोर्ट के बाद होगी।
13 जून से लापता था युवक
पुलिस के मुताबिक, दुर्गेश सिंह 13 जून 2026 से अपने घर से लापता था। परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। जंगल में कंकाल मिलने की सूचना के बाद वे मौके पर पहुंचे, जहां कपड़ों से पहचान की गई।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि दुर्गेश सिंह की मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं रहती थी। पुलिस इस पहलू को भी जांच में शामिल कर रही है।
पुलिस हर पहलू से कर रही जांच
फिलहाल पुलिस मौत के कारणों और परिस्थितियों की जांच कर रही है। डीएनए और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह प्राकृतिक मौत, दुर्घटना या किसी अन्य कारण का मामला है।