सतना। डिजिटल डेस्क
सतना में डेंगू संक्रमण से 30 वर्षीय युवक राजेश बुनकर की इलाज के दौरान मौत हो गई। उसकी पत्नी प्रियंका (26) भी डेंगू पॉजिटिव मिली हैं। वह सात महीने की गर्भवती हैं। परिवार के पुणे से लौटने के बाद पति-पत्नी समेत तीन लोगों की तबीयत बिगड़ी थी। मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। दोनों मरीजों की जांच करने वाली पैथोलॉजी लैब ने डेंगू की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को नहीं भेजी थी। सीएमएचओ ने दोनों लैब संचालकों को नोटिस देकर जवाब मांगने की बात कही है।
पुणे से लौटने के बाद बिगड़ी थी परिवार की तबीयत
मृतक राजेश बुनकर वार्ड क्रमांक-8 स्थित सिद्धार्थ नगर के निवासी थे। वह अपनी पत्नी प्रियंका और छोटे भाई अजय के साथ पुणे की एक कंपनी में काम करते थे। मलेरिया विभाग के मुताबिक, तीनों 29 अक्टूबर को पुणे से सतना लौटे थे। घर पहुंचने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
राजेश के मामा केशव उन्हें इलाज के लिए पहले निजी क्लीनिक ले गए। इसके बाद विद्या पैथोलॉजी में ब्लड टेस्ट कराया गया। एंटीजन किट से डेंगू संक्रमण की पुष्टि होने पर राजेश को जिला अस्पताल के वार्ड क्रमांक-6 में भर्ती कराया गया।
प्लेटलेट्स घटकर 27 हजार पहुंचे, रीवा ले जाते समय मौत
परिजनों के मुताबिक, जिला अस्पताल में तीन दिन तक इलाज के बावजूद राजेश की हालत में सुधार नहीं हुआ। बाद में उन्हें हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी गई। जांच में उनका प्लेटलेट्स काउंट 27 हजार पाया गया था।
31 अक्टूबर को परिजन उन्हें डिस्चार्ज कराकर घर ले गए। इसी दिन तबीयत दोबारा बिगड़ने पर बस स्टैंड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उन्हें एक यूनिट प्लेटलेट्स चढ़ाए गए।
हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रीवा ले जाने की सलाह दी। एक नवंबर को रीवा ले जाते समय दोपहर करीब 3 बजे रास्ते में राजेश की मौत हो गई।
सात महीने की गर्भवती पत्नी भी डेंगू पॉजिटिव
राजेश की पत्नी प्रियंका की तबीयत भी पुणे से लौटने के बाद बिगड़ गई थी। उनके चाचा धर्मेंद्र ने 29 अक्टूबर को उन्हें सिंधी कैंप स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया था।
सेंट्रल पैथोलॉजी में हुई जांच के बाद प्रियंका के डेंगू संक्रमित होने की पुष्टि हुई। 31 अक्टूबर को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। फिलहाल उनकी हालत ठीक बताई गई है। प्रियंका सात महीने की गर्भवती हैं। वहीं, छोटे भाई अजय की तबीयत में भी सुधार होने की जानकारी दी गई है।
दोनों पैथोलॉजी लैब ने विभाग को नहीं भेजी रिपोर्ट
इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। मलेरिया विभाग के मुताबिक, राजेश की जांच विद्या पैथोलॉजी और प्रियंका की जांच सेंट्रल पैथोलॉजी में हुई थी।
दोनों की एंटीजन जांच में डेंगू की पुष्टि होने के बावजूद संबंधित लैब ने मलेरिया विभाग को रिपोर्ट नहीं भेजी। विभाग के निर्देशों के अनुसार, डेंगू सहित संक्रामक बीमारियों के मामलों की जानकारी तत्काल आईएचआई पोर्टल पर अपलोड की जानी चाहिए।
छह सदस्यीय टीम ने घर पहुंचकर की जांच
युवक की मौत के बाद मलेरिया विभाग की छह सदस्यीय टीम सिद्धार्थ नगर स्थित उसके घर पहुंची। टीम ने परिवार और आसपास के क्षेत्र में जानकारी जुटाई। जांच के दौरान घर के आसपास डेंगू के लार्वा नहीं मिले।
इसके बाद नाली में टेमीफास और घर के अंदर पैराथ्राम का छिड़काव कराया गया। परिवार के पांच सदस्यों के एलाइजा टेस्ट के लिए 3 नवंबर को ब्लड सैंपल लेने की बात कही गई है।
मैहर के गोविंदपुर में भी मिला डेंगू का मरीज
उधर, मैहर जिले के रामनगर ब्लॉक अंतर्गत गोविंदपुर गांव में 22 वर्षीय शिवम पटेल, पिता रोहणी, की एलाइजा जांच में डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई है।
मलेरिया विभाग के मुताबिक, शिवम 31 अक्टूबर को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे। डेंगू के लक्षण मिलने पर डॉक्टर ने उन्हें एलाइजा टेस्ट कराने की सलाह दी थी। जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
सीएमएचओ बोले- दोनों लैब से मांगा जाएगा जवाब
सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला ने कहा कि डेंगू सहित संक्रामक बीमारियों की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को देने के सख्त निर्देश हैं। दोनों लैब की ओर से लापरवाही हुई है। नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।