एक समय कायाकल्प अभियान में बेहतर प्रदर्शन के लिए पहचान बनाने वाला सतना जिला अस्पताल इस बार उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) की ताजा रैंकिंग में अस्पताल को केवल 75.84 प्रतिशत अंक मिले हैं, जिससे वह प्रदेश के टॉप-20 अस्पतालों की सूची से बाहर हो गया।
टॉप-20 से बाहर हुआ सतना जिला अस्पताल
नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) द्वारा जारी कायाकल्प अभियान 2025-26 के अंतिम परिणामों में सतना जिला अस्पताल का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। अस्पताल को 75.84 प्रतिशत अंक मिले, जिसके चलते वह प्रदेश में 35वें स्थान पर पहुंच गया। इस प्रदर्शन के साथ अस्पताल को केवल सांत्वना पुरस्कार से संतोष करना पड़ा।
पड़ोसी जिलों से भी पीछे छूटा
इस बार की रैंकिंग में शिवपुरी जिला अस्पताल ने 94.46 प्रतिशत अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया। रीवा जिला अस्पताल 93.53 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे और मंदसौर जिला अस्पताल 92.76 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। वहीं, सतना अपने पड़ोसी जिलों रीवा और पन्ना से भी पीछे रह गया।
फरवरी में हुई थी गुणवत्ता की जांच
फरवरी 2026 में नेशनल हेल्थ मिशन की टीम ने तय चेकलिस्ट के आधार पर जिला अस्पताल का फाइनल असेसमेंट किया था। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में कई कमियां सामने आई थीं।
इन कमियों पर जताई थी नाराजगी
असेसमेंट टीम ने अस्पताल के मुख्य द्वार के आसपास अतिक्रमण और गंदगी पर आपत्ति जताई थी। इसके अलावा करीब 70 वर्ष पुराने भवन की जर्जर स्थिति, दीवारों पर जमी धूल और रखरखाव की कमी को लेकर भी सुधार की आवश्यकता बताई गई थी। निरीक्षण के समय ही अस्पताल के कमजोर प्रदर्शन की संभावना जताई जा रही थी।
इन विशेषज्ञों ने किया था मूल्यांकन
अस्पताल का मूल्यांकन एनएचएम भोपाल के क्वालिटी एनालिस्ट डॉ. पंकज बुधौलिया, शिवपुरी जिला अस्पताल के डॉ. रामकुमार चौधरी और अकीला अंसारी की टीम ने किया था।
अब सुधार की चुनौती
कायाकल्प अभियान का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में स्वच्छता, मरीजों की सुविधाएं और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। ताजा रैंकिंग ने सतना जिला अस्पताल के सामने व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार की चुनौती खड़ी कर दी है।