दिल्ली सरकार ने प्रधानमंत्री ई-ड्राइव (PM e-Drive) योजना के तहत राजधानी में 2,800 नई AC इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने की प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है। इन बसों के आने से दिल्ली का सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क और मजबूत होगा। सरकार का उद्देश्य डीजल और सीएनजी बसों पर निर्भरता कम कर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देना है।
यात्रियों को क्या होगा फायदा
नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से यात्रियों को अधिक आरामदायक और सुरक्षित सफर मिलेगा। AC सुविधा के साथ ये बसें आधुनिक तकनीक से लैस होंगी। बसों की संख्या बढ़ने से इंतजार का समय कम होगा और अधिक रूटों पर बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा कदम
दिल्ली लंबे समय से वायु प्रदूषण की चुनौती से जूझ रही है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इससे राजधानी में स्वच्छ और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली विकसित होगी।
2028 तक बदलने का लक्ष्य
सरकार की योजना चरणबद्ध तरीके से इन बसों को सड़कों पर उतारने की है। 2028 तक दिल्ली के बस बेड़े का बड़ा हिस्सा इलेक्ट्रिक होने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और डिपो सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा।
देश के अन्य शहरों के लिए भी बनेगा मॉडल
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना सफल रहती है तो अन्य महानगरों में भी बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा मिलेगा। इससे देश में हरित परिवहन (Green Mobility) को नई दिशा मिलेगी।