सतना। शहर के स्टेशन रोड स्थित पीएम श्री महारानी लक्ष्मी बाई (MLB) हायर सेकेंडरी स्कूल में गुरुवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। स्कूल की वर्षों पुरानी और जर्जर उत्तरी दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में तीन छात्राओं समेत चार लोग घायल हो गए। इनमें एक छात्रा की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं मलबे की चपेट में आने से एक साइकिल, एक स्कूटर और एक बाइक सहित तीन वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए।
कैसे हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर करीब 1:30 बजे स्कूल परिसर के पास खड़ा एक बबूल का पेड़ जर्जर दीवार पर गिर गया। पेड़ का दबाव पड़ते ही करीब 7 फीट ऊंची और लगभग 30 फीट लंबी दीवार का हिस्सा अचानक ढह गया। उसी समय दीवार के पास मौजूद छात्राएं और अन्य लोग मलबे की चपेट में आ गए।
दाखिले की जानकारी लेने आई थीं छात्राएं

बताया गया कि कोलगवां निवासी खुशी यादव स्कूल में प्रवेश संबंधी जानकारी लेने आई थीं। उनके साथ प्रियांशी रजक और उसका छोटा भाई भी मौजूद था। स्कूल से लौटने के बाद तीनों पास ही एक फास्ट फूड ठेले के पास पहुंचे थे, तभी अचानक दीवार गिर गई।
स्थानीय लोगों ने तुरंत मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया।
एक छात्रा गंभीर, अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी
हादसे में खुशी यादव को गंभीर चोटें आई हैं और उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। जबकि प्रियांशी रजक, उसके छोटे भाई और एक अन्य छात्रा को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
लापरवाही पर उठे सवाल

हादसे के बाद स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और स्कूल से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जर्जर दीवार को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई।
बताया जा रहा है कि तत्कालीन प्राचार्य को भी इस संबंध में कई बार अवगत कराया गया था। उनके निलंबन के बाद वर्तमान में प्रभारी व्यवस्था चल रही है।
शिक्षा विभाग ने क्या कहा
प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी गिरीश अग्निहोत्री ने बताया कि पेड़ गिरने के कारण दीवार ढही है। उन्होंने कहा कि इस हादसे में स्कूल के भीतर पढ़ रही छात्राएं प्रभावित नहीं हुई हैं। क्षतिग्रस्त दीवार की मरम्मत स्कूल मद से कराई जाएगी।
जांच की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जर्जर दीवार की समय रहते मरम्मत करा दी जाती, तो यह हादसा टाला जा सकता था।