सतना। नगर निगम पर पेट्रोल पंप का करीब 70 लाख रुपये का बकाया होने का असर अब जरूरी सेवाओं पर भी दिखाई देने लगा है। जिला अस्पताल में एक अज्ञात व्यक्ति का शव चार दिन तक पोस्टमार्टम कक्ष में पड़ा रहा। आरोप है कि जेसीबी के लिए डीजल उपलब्ध नहीं होने के कारण शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका। निगम ने भी ईंधन आपूर्ति बाधित होने की बात स्वीकार की है।
29 जुलाई को भेजा गया था पत्र
जानकारी के अनुसार, अज्ञात व्यक्ति को बीमार हालत में रामना टोला क्षेत्र से जिला अस्पताल लाया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पहचान नहीं होने पर शव को पोस्टमार्टम कक्ष में सुरक्षित रखा गया।
अस्पताल पुलिस चौकी ने 29 जुलाई को नगर निगम को पत्र भेजकर नियमानुसार शव के कफन-दफन की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया था।
तीन दिन तक नहीं हुई कार्रवाई
बताया गया कि कई दिन तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में अस्पताल चौकी द्वारा नगर निगम से संपर्क करने पर कथित तौर पर बताया गया कि जेसीबी के लिए डीजल उपलब्ध नहीं है। डीजल मिलने के बाद ही शव को मुक्तिधाम ले जाया जा सकेगा। इस कारण शव 72 घंटे से अधिक समय तक पोस्टमार्टम कक्ष में रखा रहा।
70 लाख रुपए के बकाया की चर्चा
सूत्रों के अनुसार, नगर निगम पर शहर के एक पेट्रोल पंप का करीब 70 लाख रुपये का ईंधन भुगतान लंबित है। भुगतान नहीं होने के कारण पेट्रोल पंप ने उधार में ईंधन देना बंद कर दिया है। बताया जा रहा है कि इसका असर अब नगर निगम की आवश्यक सेवाओं पर भी पड़ने लगा है।
गाय निकालने में भी आई थी दिक्कत
इससे पहले बास नाका नाले में गिरी एक गाय को निकालने के मामले में भी नगर निगम की ओर से ईंधन की कमी का हवाला दिया गया था। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने नगर निगम की तैयारियों और आपातकालीन सेवाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नगर निगम ने क्या कहा
नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर सत्यम मिश्रा ने बताया कि फिलहाल पुराने भुगतान लंबित होने के कारण पेट्रोल पंप से ईंधन की आपूर्ति प्रभावित है। उन्होंने कहा कि निगम आयुक्त के तबादले के कारण बिलों के भुगतान में भी दिक्कत आई है। वैकल्पिक व्यवस्था कर शाम को शव का अंतिम संस्कार कराया गया है।