सतना रेलवे स्टेशन अगले डेढ़ वर्ष में पूरी तरह बदलता नजर आ सकता है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के संभावित दौरे से पहले रेलवे ने वर्ल्ड क्लास स्टेशन परियोजना की रफ्तार बढ़ा दी है। पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक ने सोमवार को निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर अधिकारियों के साथ प्रगति की समीक्षा की।
सतना स्टेशन पर निर्माण कार्यों का जीएम ने लिया जायजा
सतना रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों ने अब गति पकड़ ली है। सोमवार को पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) दिलीप कुमार सिंह स्पेशल ट्रेन से सतना पहुंचे और स्टेशन के दोनों छोर पर चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने रेलवे अधिकारियों और सतना सांसद गणेश सिंह के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर स्टेशन पुनर्विकास और अन्य रेल परियोजनाओं की समीक्षा की। जीएम ने बताया कि पिछले एक महीने से निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। रेलवे का लक्ष्य अगले एक वर्ष में परियोजना की आधारभूत संरचना तैयार करना और वर्ष 2027 के अंत तक सतना स्टेशन को विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित करना है।
यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
परियोजना पूरी होने के बाद सतना स्टेशन पर दो नए प्लेटफॉर्म, अतिरिक्त बर्थिंग ट्रैक, आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम और बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था विकसित की जाएगी। रेलवे का कहना है कि इन सुविधाओं से नई ट्रेनों के संचालन में आसानी होगी, ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारु होगी और बरसात के दौरान जलभराव जैसी समस्याओं से भी राहत मिलेगी।
रेल मंत्री के संभावित दौरे से पहले विकास कार्य पूरे करने की तैयारी
सतना सांसद गणेश सिंह ने बताया कि उन्होंने हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर सतना की रेल परियोजनाओं पर चर्चा की थी। रेलवे प्रशासन का प्रयास है कि रेल मंत्री के संभावित दौरे से पहले देवेंद्रनगर तक रेल संचालन सहित प्रमुख विकास कार्यों को अंतिम रूप दे दिया जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले एक से डेढ़ वर्ष में सतना के यात्रियों को आधुनिक, सुविधाजनक और जाम-मुक्त रेलवे स्टेशन की सौगात मिलेगी।