जिला अभियोजन अधिकारी 10 हजार की रिश्वत लेते ट्रैप, लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई

मध्य प्रदेश के सीधी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त रीवा ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला अभियोजन अधिकारी (डीपीओ) को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। आरोपी पर एक प्रकरण में अभिमत देने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
सीधी जिला न्यायालय परिसर में हुई ट्रैप कार्रवाई

लोकायुक्त रीवा की टीम ने सोमवार को सीधी जिले में ट्रैप कार्रवाई करते हुए जिला अभियोजन अधिकारी (डीपीओ) राजकुमार रावत को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई जिला न्यायालय परिसर स्थित पार्किंग क्षेत्र में की गई।

लोकायुक्त रीवा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) योगेश्वर शर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई शिकायत मिलने के बाद योजनाबद्ध तरीके से की गई।

शिकायत के बाद हुआ सत्यापन

लोकायुक्त के अनुसार, शिकायतकर्ता पंकज कुमार तिवारी, निवासी टेकर, थाना मझौली, जिला सीधी ने 9 जुलाई को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक प्रकरण में अभिमत (Opinion) देने के एवज में जिला अभियोजन अधिकारी ने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।

सत्यापन में पहले लिए 8 हजार रुपये

लोकायुक्त एसपी के मुताबिक शिकायत का सत्यापन कराया गया। इस दौरान आरोपी अधिकारी ने शिकायतकर्ता से पहले 8 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद 10 हजार रुपये और देने की मांग की गई।

शिकायत सही पाए जाने पर लोकायुक्त रीवा ने विशेष टीम गठित कर सोमवार को सीधी भेजी। टीम ने जिला न्यायालय परिसर की पार्किंग में आरोपी को 10 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ ट्रैप कर लिया।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

लोकायुक्त ने आरोपी जिला अभियोजन अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधन अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज किया है। फिलहाल टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *