महिला की जान लेने वाले बाघ की तलाश तेज, कान्हा और पेंच से बुलाए गए हाथी; 60 कैमरों से हो रही निगरानी

सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के बरघाट क्षेत्र में महिला पर जानलेवा हमले के बाद वन विभाग ने बाघ को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। बाघ की तलाश में अब कान्हा और पेंच टाइगर रिजर्व से प्रशिक्षित हाथियों की भी मदद ली जा रही है। हालांकि बाघ लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है, जिससे उसे पकड़ने में वन विभाग को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

कान्हा और पेंच के हाथी भी सर्चिंग में शामिल

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार बाघ की तलाश के लिए कान्हा और पेंच टाइगर रिजर्व से तीन हाथियों को बुलाया गया है। इनमें पेंच टाइगर रिजर्व का ‘मारुति’ नाम का हाथी भी सर्चिंग अभियान में शामिल है। हाथियों की मदद से घने जंगलों में बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

60 कैमरे और चार पिंजरों से निगरानी

बाघ की सटीक लोकेशन का पता लगाने के लिए वन विभाग ने 60 कैमरा ट्रैप लगाए हैं। ये कैमरे चमरवाही, डोरली, बीजाटोला, उमरवाड़ा, अंतरा, सैला और मऊ गांव के आसपास के जंगलों में लगाए गए हैं। इसके अलावा बाघ को पकड़ने के लिए चार पिंजरे भी लगाए गए हैं।

14 जून को महिला की हुई थी मौत

गौरतलब है कि 14 जून को बरघाट क्षेत्र के बीजाटोला गांव में बाघ के हमले में शिवकली बाई की मौत हो गई थी। घटना के बाद से वन विभाग लगातार बाघ की तलाश कर रहा है, लेकिन करीब पखवाड़ा बीतने के बाद भी उसे पकड़ने में सफलता नहीं मिली है।

कुरई में पकड़ा जा चुका है दूसरा बाघ

वन विभाग ने हाल ही में कुरई क्षेत्र के गोरखपुर गांव के जंगल में महिला पर हमला करने वाले एक अन्य बाघ को पकड़कर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व भेज दिया था। हालांकि बरघाट क्षेत्र में सक्रिय बाघ अभी भी वन विभाग की पकड़ से बाहर है।

वन विभाग की अपील

वन विभाग ने आसपास के गांवों के लोगों से जंगल की ओर अकेले न जाने, सतर्क रहने और बाघ की गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत वन अमले को सूचना देने की अपील की है।

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