मुंबई। डिजिटल डेस्क
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है। हथियारों की कथित सप्लाई और आरोपियों को मदद पहुंचाने के मामले में चार और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि फायरिंग में इस्तेमाल हथियार कहां से आया और उसे मुंबई तक पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका रही।
यह घटनाक्रम 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग की जांच से जुड़ा है। पुलिस पहले ही इस मामले में कथित शूटरों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब हथियारों की आपूर्ति से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी के बाद जांच में इस नेटवर्क की भूमिका अहम हो गई है।
दिल्ली और हरियाणा से पकड़े गए चार आरोपी
जांच से जुड़ी जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान कुणाल, सुमित, राधा और बबीता के रूप में हुई है। कुणाल और सुमित हरियाणा के सोनीपत क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं, जबकि राधा और बबीता उत्तर प्रदेश की निवासी बताई गई हैं। आरोप है कि इन लोगों ने फायरिंग में शामिल शूटरों तक हथियार पहुंचाने या उन्हें मदद देने में भूमिका निभाई।
हथियार कहां से आया, इसकी भी जांच
जांच में हथियार की खरीद और उसकी आपूर्ति की कड़ियों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, कुणाल पर अमृतसर से पिस्तौल और कारतूस हासिल करने का आरोप है। इसके बाद हथियार को मुंबई पहुंचाने की कथित योजना की जांच की जा रही है।
राधा और बबीता पर आरोप है कि वे ट्रेन से हथियार लेकर मुंबई पहुंचीं और उसे आगे पहुंचाने में मदद की। जांच एजेंसियां यात्रा से जुड़े विवरण, आरोपियों के संपर्क और हथियार सौंपे जाने की परिस्थितियों की पड़ताल कर रही हैं।
इस जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह पता लगाना है कि हथियार किसके निर्देश पर जुटाया गया और फायरिंग से पहले उसे किन लोगों के पास रखा गया था।
तीन कथित शूटर पहले ही पकड़े जा चुके हैं
इस मामले में इससे पहले तीन कथित शूटरों को राजस्थान के कोटा से पकड़े जाने की जानकारी सामने आई थी। पुलिस अब उनसे और नए गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।
जांच में यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण है कि फायरिंग की योजना किसने बनाई, हमलावरों को किसने मदद दी और घटना के बाद उनके भागने की व्यवस्था किस तरह की गई।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित कनेक्शन की पड़ताल
मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित संबंधों की भी जांच की जा रही है। जांचकर्ताओं का ध्यान हथियारों की आपूर्ति, आरोपियों के आपसी संपर्क और वारदात से पहले तथा बाद की गतिविधियों पर है।
मुंबई पुलिस को मिली पूछताछ की अनुमति
चारों आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने के बाद मुंबई पुलिस को उन्हें मुंबई ले जाकर पूछताछ करने के लिए तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली। इससे जांच एजेंसियों को हथियारों की सप्लाई और फायरिंग से जुड़े आरोपों पर पूछताछ करने का अवसर मिलेगा।
अब जांच का फोकस हथियार के स्रोत, उसे मुंबई पहुंचाने वाले लोगों, कथित शूटरों से संपर्क और वारदात के पीछे के उद्देश्य पर है। आगे की कार्रवाई पूछताछ और साक्ष्यों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर की जाएगी।