यूक्रेन का रूस पर सबसे बड़ा ड्रोन हमला, रॉकेट संयंत्र भी निशाने पर

मॉस्को। डिजिटल डेस्क

यूक्रेन ने रविवार 16 अगस्त की रात रूस के कई इलाकों में सैकड़ों ड्रोन भेजकर युद्ध के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक को अंजाम दिया। मॉस्को क्षेत्र से लेकर रोस्तोव और अन्य इलाकों तक धमाकों और आग की खबरें सामने आईं। इस हमले में रूस के एक बड़े लॉजिस्टिक्स सेंटर में भीषण आग लगी, जबकि रोस्तोव क्षेत्र के रॉकेट ईंधन संयंत्र को भी निशाना बनाए जाने का यूक्रेन ने दावा किया है।

600 से ज्यादा ड्रोन मॉस्को की ओर आने का दावा

रूसी अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन की ओर से बड़ी संख्या में ड्रोन रूस की तरफ भेजे गए। रूसी रक्षा मंत्रालय ने देश के विभिन्न हिस्सों में 822 यूक्रेनी ड्रोन नष्ट या इंटरसेप्ट करने का दावा किया है।

मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव के मुताबिक, करीब 600 ड्रोन मॉस्को क्षेत्र की दिशा में आए। इस हमले को मॉस्को पर हाल के वर्षों के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक बताया गया है। हालांकि, रूस द्वारा बताए गए ड्रोन के आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

Wildberries के विशाल वेयरहाउस में लगी भीषण आग

हमले का सबसे चर्चित असर मॉस्को के दक्षिण में पोडोल्स्क के पास कोलेदीनो स्थित Wildberries के बड़े लॉजिस्टिक्स सेंटर पर दिखाई दिया। ड्रोन हमले के बाद यहां आग की ऊंची लपटें और धुएं का बड़ा गुबार देखा गया।

रॉयटर्स के अनुसार, यह वेयरहाउस मॉस्को से करीब 45 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। आग के कारण परिसर को भारी नुकसान पहुंचा। रूस के अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में एक 83 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई और कई लोग घायल हुए।

Wildberries रूस की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनियों में शामिल है। यूक्रेन पहले भी कंपनी के कई लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निशाना बना चुका है। कीव का आरोप है कि इन लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का इस्तेमाल रूस की सैन्य आपूर्ति से जुड़े सामान की आवाजाही में भी किया जाता है।

रोस्तोव में रॉकेट ईंधन बनाने वाला संयंत्र भी निशाने पर

मॉस्को के वेयरहाउस में लगी आग के अलावा यूक्रेन ने रूस के रोस्तोव क्षेत्र के कामेंस्क-शाख्तिंस्की इलाके में स्थित Kombinat Kamensky को निशाना बनाने का दावा किया।

यूक्रेनी पक्ष के अनुसार, यह सैन्य-औद्योगिक परिसर Smerch और Tornado-S जैसे मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम के लिए ठोस रॉकेट ईंधन तैयार करने से जुड़ा है। हमले के बाद संयंत्र में आग लगने की रिपोर्ट सामने आई।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर इसे सीधे “मिसाइल फैक्ट्री” कहना पूरी तरह सटीक नहीं होगा। यह मुख्य रूप से रॉकेट ईंधन और सैन्य उत्पादन से जुड़ा संयंत्र बताया जा रहा है।

रोस्तोव में पांच लोगों की मौत की खबर

रूसी अधिकारियों के मुताबिक, यूक्रेनी हमलों से रोस्तोव क्षेत्र में भी जनहानि हुई। रिपोर्टों में रोस्तोव क्षेत्र में पांच लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

मॉस्को क्षेत्र में हुई एक मौत को मिलाकर इस व्यापक हमले में रूस में कम से कम छह लोगों की मौत की रिपोर्ट सामने आई। अलग-अलग क्षेत्रों से नुकसान और आग की सूचनाएं भी मिलीं।

एक दिन पहले भी रूस के अंदर गहराई तक हमला

यह हमला अचानक सामने आया घटनाक्रम नहीं है। इससे एक दिन पहले, 15 अगस्त को यूक्रेन ने रूस के समारा क्षेत्र में Progress Rocket and Space Centre पर हमला करने का दावा किया था।

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के अनुसार, इस हमले में यूक्रेन में विकसित Flamingo क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। Progress Rocket and Space Centre रूस की अंतरिक्ष एजेंसी Roscosmos से जुड़ा है और Soyuz लॉन्च वाहनों के निर्माण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

इससे संकेत मिलता है कि यूक्रेन अब रूस के अंदर काफी दूर स्थित सैन्य और सैन्य-औद्योगिक ठिकानों तक हमले पहुंचाने की अपनी क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहा है।

रूस ने भी यूक्रेन पर किया बड़ा हमला

यूक्रेन के रूस पर हमले के साथ ही रूस ने भी यूक्रेन के कई शहरों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।

यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, क्रिवी रिह में रूसी हमले में दो लोगों की मौत हुई और कम से कम 14 लोग घायल हुए। वहां एक बड़े स्टील प्लांट के संचालन पर भी असर पड़ा। कीव समेत कई अन्य इलाकों में भी आग और नुकसान की खबरें सामने आईं।

इस तरह दोनों देशों के बीच लंबी दूरी के ड्रोन और मिसाइल हमलों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। रूस और यूक्रेन दोनों ही एक-दूसरे की सैन्य, औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स क्षमता को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।

NATO क्षेत्र तक पहुंचा ड्रोन, F-18 ने गिराया

इसी घटनाक्रम के दौरान एक ड्रोन के NATO सदस्य देश रोमानिया के हवाई क्षेत्र में पहुंचने की भी रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार, स्पेन के एक F-18 लड़ाकू विमान ने उस ड्रोन को मार गिराया।

इस घटना ने रूस-यूक्रेन युद्ध के क्षेत्रीय विस्तार और NATO देशों के हवाई क्षेत्र में ड्रोन पहुंचने को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।

यूक्रेन की बदली रणनीति क्या संकेत देती है

हाल के हमलों से यूक्रेन की रणनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव दिखाई देता है। पहले जहां अधिकांश लंबी दूरी के हमलों का फोकस सीमा के नजदीकी रूसी सैन्य ठिकानों पर था, वहीं अब रूस के भीतर काफी दूर स्थित सैन्य-औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को निशाना बनाया जा रहा है।

मॉस्को क्षेत्र में बड़े लॉजिस्टिक्स केंद्रों पर हमले और समारा तथा रोस्तोव में सैन्य-औद्योगिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने से यूक्रेन रूस की युद्ध क्षमता और आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ाने की कोशिश करता दिखाई दे रहा है। हालांकि, प्रत्येक हमले से हुए वास्तविक सैन्य नुकसान का स्वतंत्र आकलन फिलहाल सीमित है।

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