उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार राजनीतिक नियुक्तियों का बड़ा दौर शुरू करने की तैयारी में है। सरकार विभिन्न आयोगों, बोर्डों और निगमों में लंबे समय से खाली पड़े 1000 से अधिक पदों को भरने की दिशा में अंतिम चरण में पहुंच गई है।
पहले चरण में इन आयोगों पर फोकस
जानकारी के अनुसार, पहले चरण में अनुसूचित जाति (एससी) आयोग, अल्पसंख्यक आयोग समेत 4 से 5 प्रमुख आयोगों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्तियां की जाएंगी। इसके बाद अन्य बोर्डों, निगमों और आयोगों में रिक्त पद भरे जाएंगे।
80 से ज्यादा नामों पर बनी सहमति
सरकारी सूत्रों के अनुसार, भाजपा संगठन और सरकार के बीच कई दौर की बैठकों के बाद संभावित उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग पूरी हो चुकी है। करीब 80 से अधिक नामों पर सहमति बन गई है और मुख्यमंत्री की अंतिम मंजूरी के बाद पहली सूची जारी हो सकती है।
1000 से अधिक पद हैं खाली
उत्तर प्रदेश के विभिन्न आयोगों, बोर्डों और निगमों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य और अन्य नामित पदों सहित 1000 से अधिक राजनीतिक पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। सरकार इन्हें चरणबद्ध तरीके से भरने की तैयारी कर रही है, जिससे इन संस्थाओं का कामकाज फिर से गति पकड़ सके।
चुनाव से पहले साधे जाएंगे सामाजिक समीकरण
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले होने वाली इन नियुक्तियों में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा जाएगा। अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला और अन्य वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति पर भी काम किया जा रहा है।