भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। हैदराबाद की निजी अंतरिक्ष कंपनी Skyroot Aerospace के Vikram-1 रॉकेट ने अपनी पहली ही ऑर्बिटल टेस्ट फ्लाइट में सफलता हासिल करते हुए पेलोड को लगभग 450 किलोमीटर की लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) में स्थापित कर दिया। इसके साथ ही भारत का निजी अंतरिक्ष क्षेत्र एक नए दौर में प्रवेश कर गया है।
पहली ही उड़ान में सफलता
आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लाॅन्च हुए Vikram-1 ने उड़ान के सभी चरण सफलतापूर्वक पूरे किए। तीसरे चरण के अलग होने के बाद Orbital Adjustment Module (OAM) ने अपने 3D-प्रिंटेड लिक्विड इंजन की मदद से अंतिम बर्न किया और पेलोड को करीब 450 किमी की कक्षा में स्थापित कर दिया।
भारत के निजी स्पेस सेक्टर के लिए नया अध्याय
Vikram-1 भारत का पहला निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल रॉकेट है जिसने सफलतापूर्वक कक्षा हासिल की। यह उपलब्धि देश में अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों की बढ़ती भूमिका का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है। Skyroot Aerospace की स्थापना पूर्व ISRO वैज्ञानिकों ने की थी और यह मिशन भारत के वाणिज्यिक अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।
PM मोदी ने दी बधाई
मिशन की सफलता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Skyroot Aerospace के संस्थापकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान और देश के युवा नवाचार की ताकत का प्रमाण है।