BRICS के आखिरी दिन मोदी का बड़ा संदेश- घोषणाओं से आगे बढ़कर अब जमीन पर दिखे परिणाम, शी ने रखा ‘Greater BRICS’ का रोडमैप

नई दिल्ली। डिजिटल डेस्क

नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का रविवार, 13 सितंबर को समापन हो गया। सम्मेलन के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS को केवल घोषणाओं और बैठकों तक सीमित रखने के बजाय ठोस और समयबद्ध परिणामों पर काम करने का संदेश दिया। वहीं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ‘Greater BRICS’ को मजबूत करने के लिए AI, व्यापार, वित्त और सप्लाई चेन में सहयोग बढ़ाने का रोडमैप रखा। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आर्थिक सहयोग के लिए नए बीमा तंत्र और अनाज बाजार की पहल का प्रस्ताव रखा।

मोदी ने कहा- फैसलों को जमीन पर उतारना जरूरी

प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन के अंतिम सत्र में कहा कि BRICS को अपने frameworks और घोषणाओं को वास्तविक जीवन में असर डालने वाली पहलों में बदलना होगा। उन्होंने भू-राजनीतिक तनाव, सप्लाई चेन में व्यवधान, जलवायु संकट और तकनीक तथा महत्वपूर्ण खनिजों के संभावित ‘weaponisation’ को वैश्विक स्थिरता के लिए चुनौती बताया।

मोदी ने BRICS को ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत करने वाला मंच बताते हुए वैश्विक संस्थानों में सुधार और विकासशील देशों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया।

संक्रामक बीमारियों के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम

भारत की अध्यक्षता के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए संक्रामक बीमारियों की शुरुआती चेतावनी प्रणाली पर विशेष जोर दिया गया। इसका उद्देश्य BRICS देशों के बीच स्वास्थ्य संबंधी सूचनाओं के आदान-प्रदान और संभावित महामारी के खिलाफ समय रहते तैयारी को मजबूत करना है।

इसके अलावा खाद्य सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, कृषि, ऊर्जा और जलवायु कार्रवाई जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने की बात कही गई।

शी जिनपिंग ने रखा ‘Greater BRICS’ का एजेंडा

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने BRICS के विस्तार को आगे बढ़ाते हुए ‘Greater BRICS’ की अवधारणा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समूह को AI, व्यापार, वित्त और औद्योगिक सहयोग के जरिए अपनी आर्थिक ताकत बढ़ानी चाहिए।

शी ने चीन की अगुवाई में BRICS AI Open Source Zone बनाने का प्रस्ताव रखा। इसके तहत AI मॉडल, प्रशिक्षण, डिजिटल प्लेटफॉर्म और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने की योजना है। चीन ने 2027 में BRICS Trade in Services Forum आयोजित करने और डिजिटल विशेष आर्थिक क्षेत्र की साझेदारी का भी प्रस्ताव रखा।

पुतिन का बीमा तंत्र और अनाज बाजार का प्रस्ताव

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने BRICS देशों के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए नए बीमा तंत्र और अनाज बाजार से जुड़ी संयुक्त पहल का प्रस्ताव रखा। इसका उद्देश्य व्यापार, खाद्य सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियों को अधिक स्थिर बनाना है।

नई दिल्ली घोषणा में क्या संकल्प लिए गए

सम्मेलन के दौरान मंजूर नई दिल्ली घोषणा में BRICS देशों ने अंतरराष्ट्रीय विवादों को संवाद, परामर्श और कूटनीति के जरिए सुलझाने पर जोर दिया। साथ ही स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और निवेश, सीमा-पार भुगतान व्यवस्था को मजबूत करने, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा, AI, डिजिटल सहयोग और सप्लाई चेन को अधिक लचीला बनाने पर सहमति जताई गई।

घोषणा में संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक वित्तीय संस्थानों में सुधार की मांग भी दोहराई गई। पश्चिम एशिया के संघर्ष को लेकर BRICS ने अधिकतम संयम और तनाव कम करने की अपील की। दस्तावेज में पहल असामाजिक? नहीं, पृष्ठभूमि में Pahalgam terror attack की निंदा भी शामिल है।

भारत ने चीन को सौंपी अगली अध्यक्षता

भारत की 2026 की अध्यक्षता के बाद 2027 में चीन BRICS की अध्यक्षता करेगा और अगले शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इस तरह नई दिल्ली सम्मेलन का समापन केवल घोषणाओं के साथ नहीं, बल्कि अगले चरण की जिम्मेदारी चीन को सौंपने के साथ हुआ।

मोदी-शी की बैठक बनी सम्मेलन का बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम

BRICS के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक भी सम्मेलन के सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में रही। दोनों नेताओं ने सीमा पर शांति, व्यापार और भारत-चीन संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। सम्मेलन के दूसरे दिन दोनों नेता BRICS की फैमिली फोटो में भी साथ नजर आए।

कुल मिलाकर, नई दिल्ली BRICS सम्मेलन ने स्वास्थ्य, AI, ऊर्जा, व्यापार, स्थानीय मुद्रा, सप्लाई चेन और वैश्विक शासन सुधार को भविष्य के सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में सामने रखा। अब असली चुनौती इन संकल्पों को कितनी तेजी से वास्तविक परियोजनाओं और नीतिगत फैसलों में बदला जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *