4 साल की बच्ची के पेट में 4 साल से जमा थे बाल, ऑपरेशन में डॉक्टरों ने निकाला ‘बालों का पहाड़’

शिवपुरी। डिजिटल डेस्क

शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने 14 वर्षीय किशोरी के पेट से बालों का करीब 16×14 सेंटीमीटर का बड़ा गुच्छा (ट्राइकोबेज़ोआर) निकालकर सफल सर्जरी की। डॉक्टरों के मुताबिक, यह गुच्छा पेट के करीब 90 प्रतिशत हिस्से में फैला था और छोटी आंत तक पहुंच गया था। करीब तीन घंटे चली ओपन सर्जरी के बाद इसे बाहर निकाला गया।

पेट दर्द के बाद अस्पताल में भर्ती हुई किशोरी

किशोरी को 11 सितंबर को पेट दर्द की शिकायत के बाद शल्य चिकित्सा विभाग में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान उसका हीमोग्लोबिन 7.8 ग्राम पाया गया, जिसके बाद उसे दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया।

CT स्कैन में पेट के भीतर गंभीर स्थिति और छिद्र (Perforation) की आशंका सामने आई। मरीज की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने तत्काल सर्जरी का निर्णय लिया।

अधिष्ठाता डॉ. ईला गुजारिया के मार्गदर्शन और सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अनंत राखोंडे के नेतृत्व में ऑपरेशन किया गया।

पेट के 90 प्रतिशत हिस्से में फैला था बालों का गुच्छा

डॉक्टरों के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान पेट में करीब 16×14 सेंटीमीटर आकार का बालों का गुच्छा मिला। यह पेट के करीब 90 प्रतिशत हिस्से में फैला हुआ था और छोटी आंत तक पहुंच गया था।

इतने बड़े आकार के ट्राइकोबेज़ोआर को एंडोस्कोपी के जरिए निकालना मुश्किल था। इसलिए डॉक्टरों ने ओपन सर्जरी की। करीब तीन घंटे चले ऑपरेशन के बाद बालों के इस विशाल गुच्छे को सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया।

महीनों से उल्टी और भूख कम लगने की शिकायत

परिजनों के मुताबिक, किशोरी पिछले कई महीनों से लगातार उल्टी, भूख कम लगने और पेट भरा-भरा रहने जैसी परेशानियों से जूझ रही थी। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक बाल निगलने पर वे पेट में जमा होते जाते हैं और धीरे-धीरे सख्त गुच्छे का रूप ले सकते हैं।

इस मामले में डॉक्टरों ने बताया कि बाल करीब 3 से 4 साल से पेट में जमा होने की संभावना है।

बाल निगलने की आदत से बन सकता है ट्राइकोबेज़ोआर

सर्जरी टीम में प्रोफेसर डॉ. सौरभ चौहान, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कौशलेन्द्र सिंह नरवरिया, पीजी डॉक्टर डॉ. महेश पाटीदार और एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका गुप्ता शामिल रहे।

डॉ. कौशलेन्द्र सिंह नरवरिया के मुताबिक, लंबे समय तक बाल निगलने की आदत को ट्राइकोफेजिया कहा जाता है। वहीं बाल तोड़ने की आदत ट्राइकोटिलोमेनिया से जुड़ी हो सकती है। डॉक्टरों के अनुसार, ऐसी आदतें कुछ मामलों में तनाव या चिंता जैसी मानसिक स्थितियों से जुड़ी हो सकती हैं।

डॉक्टरों ने बच्चों में बाल निगलने जैसी आदतों के साथ-साथ लंबे समय तक रहने वाली उल्टी, भूख कम लगना और पेट भरा रहने जैसे लक्षणों पर समय रहते ध्यान देने की जरूरत बताई।

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