चार महीने से अंगूठा लगवाने के बाद भी हितग्राहियों को नहीं दिया जा रहा था राशन, जांच में 59.30 लाख रुपए का खाद्यान कम मिला
सतना।
मैहर जिले के ताला थाना क्षेत्र में शासकीय उचित मूल्य की चार दुकानों में 59 लाख 30 हजार रुपए कीमत के खाद्यान्न की कमी का मामला सामने आया है। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार बिंधुई खुर्द, अमझर, बिछिया खुर्द और रामगढ़ की उचित मूल्य दुकानों की जांच में गेहूं, चावल, नमक और शक्कर का स्टॉक कम पाया गया। आरोप है कि हितग्राहियों से पीओएस मशीन में अंगूठा लगवाने के बाद भी पिछले चार महीने से उन्हें खाद्यान नहीं दिया जा रहा था।
चार दुकानों में इतनी राशि का राशन कम मिला
जांच के दौरान बिंधुई खुर्द की दुकान में 12 लाख 92 हजार रुपए, अमझर में 14 लाख 88 हजार रुपए, बिछिया खुर्द में 14 लाख 74 हजार रुपए और रामगढ़ की दुकान में 16 लाख 74 हजार रुपए कीमत का राशन कम मिला।
चारों दुकानों में सामने आई कमी की कुल कीमत 59 लाख 30 हजार रुपए बताई गई है। जांच में दुकानों के नियमानुसार संचालन में भी लापरवाही सामने आने की बात कही गई है।
अंगूठा लगवाने के बाद भी नहीं दिया खाद्यान्न
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दुकानों के विक्रेताओं द्वारा हितग्राहियों से पीओएस मशीन में अंगूठा लगवाया जा रहा था, लेकिन इसके बाद उन्हें गेहूं, चावल, नमक और शक्कर नहीं दी जा रही थी।
परेशान हितग्राहियों ने मामले को लेकर लगातार सीएम हेल्पलाइन में शिकायतें भी की थीं। शिकायतों के बाद खाद्य विभाग की ओर से दुकानों की जांच कराई गई।
तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी मैहर प्रियंका अग्रवाल की रिपोर्ट पर ताला थाना पुलिस ने बिंधुई खुर्द और अमझर में संचालित उचित मूल्य दुकानों के विक्रेता अवधेश चतुर्वेदी, सहायक विक्रेता दीपक चतुर्वेदी और बिछिया खुर्द व रामगढ़ में संचालित दुकान के विक्रेता अतुल सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 318(4), 316(5) और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है।
दुकानों में ये अनियमितताएं भी मिलीं
जांच के दौरान दुकानों को नियमानुसार नहीं खोलने की लापरवाही भी सामने आई। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक कांटे का सत्यापन नहीं पाया गया।
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग मामले में खाद्यान की कमी, वितरण व्यवस्था और हितग्राहियों से जुड़ी शिकायतों के आधार पर आगे की जांच कर रहे हैं।