सतना के चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की बदहाली को लेकर भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार का गुस्सा मंगलवार को खुलकर सामने आया। विधायक PWD कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने सड़क निर्माण की धीमी रफ्तार और गुणवत्ता को लेकर नाराजगी जताई।
PWD दफ्तर पहुंचे विधायक, अधिकारियों पर बरसे
विधायक मंगलवार को लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्य अभियंता पंकज खड़ारे के सामने विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण से जुड़े मामलों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। विधायक ने कहा कि क्षेत्र में कई सड़क निर्माण कार्य लंबे समय से अटके हुए हैं। जनता लगातार सड़कों की खराब स्थिति को लेकर शिकायत कर रही है, लेकिन काम की रफ्तार संतोषजनक नहीं है।
इसी दौरान उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा, ‘हम मर जाएंगे, तब बनेंगी सड़कें।’ विधायक के इस बयान के बाद बैठक में सड़क निर्माण को लेकर विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया।
1100 करोड़ की सड़कें, फिर भी सवाल
गहरवार ने दावा किया कि पिछले चार वर्षों में चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र के लिए करीब 1100 करोड़ रुपए की सड़कों को मंजूरी मिली है। इसके बावजूद कई जगह सड़क निर्माण की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
विधायक का आरोप है कि कुछ सड़कें बनने के कुछ समय बाद ही खराब होने लगीं। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी पर भी सवाल उठाए।
गहरवार ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर सड़क का काम कागजों में पूरा बताया गया, जबकि मौके पर निर्माण की स्थिति अलग है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
मझगवां SDO की कार्यप्रणाली पर भी सवाल
एमएलए ने PWD के मझगवां में पदस्थ प्रभारी SDO अश्वनी निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की खराब सड़कों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही।
गहरवार ने विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी विकास कार्यों के बजाय वसूली पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। ये आरोप विधायक की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
विधायक की नाराजगी के बाद SDO हटाए गए
नाराजगी के बाद PWD के मुख्य अभियंता पंकज खड़ारे ने मझगवां के प्रभारी SDO अश्वनी निगम को हटा दिया। उनकी जगह सहायक इंजीनियर को प्रभार सौंपा गया है। मुख्य अभियंता ने विधायक को उनके द्वारा उठाई गई समस्याओं का परीक्षण कराने और जल्द समाधान के प्रयास का भरोसा दिया। अब विभागीय स्तर पर सड़क निर्माण से जुड़े मामलों की जांच और कार्रवाई पर नजर रहेगी।
विधायक के बयान से बढ़ा सड़क निर्माण का मुद्दा
चित्रकूट क्षेत्र में सड़क निर्माण को लेकर विधायक का बयान अब चर्चा में है। करीब 1100 करोड़ रुपए की स्वीकृत सड़कों के बावजूद यदि निर्माण की गुणवत्ता और काम की रफ्तार को लेकर शिकायतें हैं, तो उनकी जांच महत्वपूर्ण होगी।
अब यह देखना होगा कि विभाग स्वीकृत सड़कों की वास्तविक स्थिति, निर्माण की गुणवत्ता और कागजों में पूर्ण बताए गए कार्यों का कितना परीक्षण करता है। साथ ही, मझगवां के प्रभारी SDO को हटाने के बाद क्या सड़क निर्माण कार्यों की निगरानी में कोई बदलाव आता है, इस पर भी नजर रहेगी।