जिला बाल कल्‍याण समिति ने डीन, सीएमएचओ और सीएस से तलब की रिपोर्ट

मरचुरी में नाबालिग छात्राओं को पोस्टमार्टम दिखाने का मामला

सतना जिला अस्पताल की मरचुरी में दो नाबालिग छात्राओं को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया दिखाने का मामला अब जांच के घेरे में आ गया है। स्कूल प्रबंधन ने छात्राओं की पहचान कर उनके बयान दर्ज किए हैं, वहीं बाल कल्याण समिति ने भी मामले में जवाब-तलब किया है।

स्कूल प्रबंधन ने छात्राओं के बयान दर्ज किए

मामला सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन ने दोनों छात्राओं की पहचान कर उनके बयान दर्ज किए। दोनों छात्राएं अलग-अलग कक्षाओं में पढ़ती हैं। इनमें एक 10वीं और दूसरी 12वीं कक्षा की छात्रा है।

प्रधानाचार्य शीला सिंह के मुताबिक, दोनों छात्राओं को उनके अभिभावकों के साथ बुलाकर बयान लिए गए। छात्राओं ने बताया कि घटना वाले दिन वे स्कूल नहीं गई थीं। उनके अनुसार, सिरदर्द होने के कारण वे अस्पताल पहुंची थीं। वहां डॉक्टर ने कंकाल दिखाने की बात कही, जिसके बाद दोनों छात्राएं मरचुरी पहुंच गईं।

छात्राओं को दोबारा आने के लिए भी कहा गया

छात्राओं ने अपने बयान में यह भी बताया कि मरचुरी में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया दिखाने वाले लोगों ने उन्हें शुक्रवार को दोबारा आने के लिए कहा था। इस बयान के सामने आने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। अब यह भी पता किया जा रहा है कि नाबालिग छात्राओं को दोबारा मरचुरी बुलाया गया था या नहीं और उन्हें वहां किसकी अनुमति से ले जाया गया।

करीब पौने दो घंटे मरचुरी में रहने का दावा

जानकारी के मुताबिक, दोनों छात्राएं जिला अस्पताल की मरचुरी में करीब पौने दो घंटे तक मौजूद रहीं। इस दौरान मेडिकल कॉलेज के डॉ. प्रतीक शुक्ला और पीजी के दो छात्र भी वहां मौजूद बताए गए हैं। आरोप है कि छात्राओं को शव और कंकाल का पोस्टमार्टम दिखाया गया तथा इसकी प्रक्रिया समझाई गई।

नाबालिग छात्राओं को पोस्टमार्टम प्रक्रिया दिखाए जाने को लेकर सवाल उठने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने भी मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।

फॉरेंसिक विभागाध्यक्ष को नोटिस

मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. एसपी गर्ग ने फॉरेंसिक विभागाध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर बाघमारे को नोटिस जारी कर मामले में जवाब मांगा है। वहीं, बाल कल्याण समिति ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल कॉलेज के डीन, CMHO और जिला अस्पताल के सिविल सर्जन को पत्र भेजा है। समिति ने संबंधित अधिकारियों से सात दिन के भीतर चार बिंदुओं पर जवाब मांगा है।

CWC ने इन चार सवालों पर मांगा जवाब

  1. नाबालिग छात्राएं मरचुरी तक कैसे पहुंचीं
  2. उन्हें वहां किसने बुलाया या लेकर गया
  3. छात्राओं को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया दिखाने की अनुमति किसने दी
  4. इस दौरान अस्पताल और मेडिकल कॉलेज स्तर पर कौन-सी प्रक्रिया अपनाई गई

अब अनुमति और जिम्मेदारी की जांच

पत्र की प्रतिलिपि कलेक्टर, एसपी और बाल संरक्षण आयोग को भी भेजी गई है। मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि नाबालिग छात्राओं को मरचुरी में प्रवेश और पोस्टमार्टम प्रक्रिया देखने की अनुमति किस स्तर पर मिली।

छात्राओं के बयानों, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के जवाब और CWC की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उन्हें वहां किस परिस्थिति में ले जाया गया और इस दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन हुआ था या नहीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *