छिंदवाड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छिंदवाड़ा से ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान’ की शुरुआत करते हुए प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की समीक्षा के दौरान उन्होंने मौके पर ही कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर यह संदेश दिया कि जनता की शिकायतों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
छिंदवाड़ा से शुरू हुआ मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को छिंदवाड़ा से मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान की शुरुआत की। अभियान के शुभारंभ के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर लंबित और गलत तरीके से निपटाई गई शिकायतों की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान कई मामलों में गंभीर लापरवाही सामने आने पर उन्होंने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
प्रसूति सहायता योजना में लापरवाही, CMHO निलंबित
प्रसूति सहायता योजना से जुड़ी शिकायत में अनमोल (ANMOL) पोर्टल पर डुप्लीकेट पंजीयन के कारण शिकायतकर्ता सीमा तुमराम को दूसरे प्रसव के समय अपात्र घोषित कर दिया गया था। इससे उन्हें करीब 10 महीने तक योजना का लाभ नहीं मिल सका। मामले में लापरवाही पाए जाने पर मुख्यमंत्री ने सीएमएचओ डॉ. नरेश गुन्नाड़े को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।
पीएम किसान योजना में गलत प्रतिवेदन, तहसीलदार और पटवारी सस्पेंड
पीएम किसान सम्मान निधि से जुड़े मामले में शिकायतकर्ता मीरा बंजारा को लाभ नहीं मिलने पर जांच हुई। समीक्षा में सामने आया कि तत्कालीन परासिया तहसीलदार सुनैयना ब्रम्हे और पटवारी सिद्धांत साहू द्वारा गलत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया, जिससे शिकायतकर्ता को एक वर्ष तक योजना का लाभ नहीं मिला। मुख्यमंत्री ने दोनों को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही पीड़िता को स्वेच्छानुदान मद से आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की।
चार साल तक रोकी अनुग्रह सहायता, CEO की वेतनवृद्धि रुकी
चौरई जनपद के एक मामले में शिकायतकर्ता मानवर्ती वर्मा को पति की मृत्यु के बाद मिलने वाली अनुग्रह सहायता राशि चार वर्षों तक नहीं दी गई। जांच में अधिकारियों की लापरवाही सामने आने पर मुख्यमंत्री ने जनपद सीईओ तरुण राहंगडाले और तत्कालीन श्रम पदाधिकारी धम्मदीप भगत की एक-एक वार्षिक वेतनवृद्धि रोकने के आदेश दिए।
शिकायत फोर्स क्लोज करने पर कार्रवाई
राजस्व अभिलेख सुधार से जुड़ी शिकायत का निराकरण किए बिना उसे फोर्स क्लोज करने के मामले में मुख्यमंत्री ने चौरई एसडीएम प्रभात मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं तहसीलदार उमराव वालरे और हल्का पटवारी नेहा कवरेती की एक-एक वेतनवृद्धि रोकने के आदेश भी दिए। इसके अलावा मत्स्य विभाग से संबंधित शिकायत में सहायक संचालक को पीएम मत्स्य संपदा योजना की राशि का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री की दो टूक चेतावनी
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों से कहा कि जनता की शिकायतों के समाधान में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हर अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभानी होगी, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा।
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