सतना। डिजिटल डेस्क
जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता पद से सेवानिवृत्त हुए दादूराम गौतम को करीब 13 वर्ष बाद चीफ इंजीनियर के पद पर पदोन्नति मिली है। विभाग ने इस संबंध में 12 अगस्त को आदेश जारी किया। बताया जा रहा है कि प्रदेश में ऐसे करीब 73 इंजीनियर हैं, जिन्हें सेवानिवृत्ति के वर्षों बाद पदोन्नति का लाभ मिला है।
हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मिला प्रमोशन
दादूराम गौतम के वरिष्ठ अधिवक्ता जगन्नाथ त्रिपाठी के अनुसार, श्री गौतम को निर्धारित समय पर पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पाया था। उनका कहना है कि जुलाई 2021 की स्थिति में उन्हें अधीक्षण अभियंता से चीफ इंजीनियर के पद पर प्रमोशन मिल जाना चाहिए था।
न्याय के लिए हाईकोर्ट की शरण लेने के बाद मामले में उन्हें पदोन्नति का लाभ मिला। विभागीय आदेश के अनुसार अब उनकी पदोन्नति जुलाई 2021 की स्थिति से प्रभावी मानी गई है।
सेवानिवृत्ति भी चीफ इंजीनियर पद से मानी जाएगी
जारी आदेश के मुताबिक दादूराम गौतम को अधीक्षण अभियंता के बजाय चीफ इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त माना गया है। इसके अनुरूप उन्हें पद से जुड़े सभी हितलाभ दिए जाने की बात कही गई है।
इस निर्णय के बाद लंबे समय से लंबित पदोन्नति का मामला उनके पक्ष में समाप्त हुआ है। सेवानिवृत्ति के करीब 13 वर्ष बाद पदोन्नति मिलने से यह मामला विभागीय सेवा-प्रकरणों में भी चर्चा का विषय बना है।
प्रदेश में ऐसे कई इंजीनियरों का मामला
जानकारों के मुताबिक मध्यप्रदेश में करीब 73 ऐसे इंजीनियर हैं, जिन्हें सेवानिवृत्ति के कई वर्षों बाद पदोन्नति का लाभ मिला है। ऐसे मामलों में पदोन्नति से जुड़े पुराने सेवा प्रकरण और लंबित दावों का निराकरण महत्वपूर्ण हो जाता है।
दादूराम गौतम का मामला भी इसी तरह के लंबित पदोन्नति प्रकरणों में शामिल रहा, जिसमें न्यायिक प्रक्रिया के बाद विभाग ने आदेश जारी किया।
सेवानिवृत्त इंजीनियरों ने जताई खुशी
दादूराम गौतम को पदोन्नति का लाभ मिलने पर सेवानिवृत्त इंजीनियर रामसुख शर्मा और वीके श्रीवास्तव ने खुशी व्यक्त की है। उनका कहना है कि लंबे समय से लंबित मामले में न्याय मिलने से संबंधित अधिकारी को उनके सेवा अधिकारों का लाभ प्राप्त हुआ है।