फर्रुखाबाद DM ने बच्चों को पढ़ाया, फिर थामा बल्ला… वीडियो चर्चा में

फर्रुखाबाद। डिजिटल डेस्क।

सरकारी स्कूलों के निरीक्षण में आमतौर पर अधिकारी व्यवस्थाओं और रिकॉर्ड की पड़ताल करते नजर आते हैं, लेकिन फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर का अंदाज कुछ अलग रहा। राजकीय मूक-बधिर विद्यालय पहुंचीं डीएम ने पहले बच्चों से बातचीत की, कक्षा में पढ़ाया और फिर उनके साथ क्रिकेट खेलने मैदान में उतर गईं।

निरीक्षण के बीच बच्चों के बीच पहुंचीं डीएम

फर्रुखाबाद के राजकीय मूक-बधिर विद्यालय के निरीक्षण के दौरान डॉ. अंकुर लाठर ने सिर्फ स्कूल की व्यवस्थाओं का जायजा नहीं लिया। उन्होंने बच्चों के बीच बैठकर उनकी पढ़ाई, दिनचर्या और स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की।

मूक-बधिर बच्चों से संवाद के लिए सामान्य बातचीत से अलग तरीके की जरूरत होती है। इस दौरान संकेतों, इशारों और चेहरे के भावों के जरिए बच्चों से संवाद किया गया। डीएम ने भी बच्चों के साथ सहज तरीके से जुड़ने की कोशिश की।

क्लास में पढ़ाया, बच्चों से किए सवाल-जवाब

स्कूल निरीक्षण के दौरान डीएम कक्षा में भी पहुंचीं। उन्होंने बच्चों को पढ़ाया और पढ़ाई से जुड़े सवाल-जवाब किए। इस दौरान स्कूल के शिक्षक भी मौजूद रहे।

अधिकारी के इस अंदाज से निरीक्षण का माहौल सामान्य औपचारिकता से अलग नजर आया। बच्चों के साथ सीधे संवाद के जरिए उनकी पढ़ाई और रोजमर्रा की गतिविधियों को समझने की कोशिश की गई।

अचानक मैदान में पहुंचीं और थाम लिया बल्ला

कक्षा में समय बिताने के बाद डीएम बच्चों के साथ क्रिकेट खेलने मैदान में पहुंचीं। उन्होंने खुद बल्ला थामा और बच्चों के साथ खेल में हिस्सा लिया।

डीएम को अपने बीच क्रिकेट खेलते देखकर बच्चों में उत्साह दिखाई दिया। खेल के दौरान बच्चे इशारों के जरिए एक-दूसरे को समझाते और अपनी प्रतिक्रिया देते नजर आए।

इशारों में हुआ संवाद, खेल ने बढ़ाई नजदीकी

मूक-बधिर बच्चों के साथ संवाद में शब्दों की भूमिका सीमित रहती है। ऐसे में इस मुलाकात में हाथों के इशारे, चेहरे के भाव और खेल के दौरान होने वाली प्रतिक्रियाएं संवाद का माध्यम बनीं।

क्रिकेट के दौरान बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। डीएम का उनके साथ खेलना बच्चों के लिए स्कूल के सामान्य दिन से अलग अनुभव रहा। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया, जिसके बाद डीएम के इस अंदाज की चर्चा होने लगी।

पढ़ाई के साथ खेल पर भी जोर

स्कूल निरीक्षण के दौरान पढ़ाई के साथ खेल और अन्य गतिविधियों को भी बच्चों के विकास से जोड़कर देखा गया। खेल बच्चों में टीम भावना और आपसी जुड़ाव बढ़ाने का माध्यम बन सकता है।

खास तौर पर ऐसे बच्चों के लिए खेल एक ऐसा माध्यम है, जिसमें बिना ज्यादा शब्दों के भी टीम के साथ जुड़ना और अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करना संभव होता है। डीएम की बच्चों के साथ क्रिकेट खेलने की तस्वीरें और वीडियो इसी वजह से लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।

प्रशासनिक निरीक्षण का अलग अंदाज

स्कूल निरीक्षण के दौरान डीएम ने व्यवस्थाओं को देखने के साथ बच्चों के अनुभव को समझने पर भी ध्यान दिया। उनकी पढ़ाई, दिनचर्या और स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की गई।

बच्चों के बीच समय बिताने और उनके साथ खेल में शामिल होने का यह तरीका प्रशासन और स्कूल के विद्यार्थियों के बीच सीधे संवाद का एक अलग उदाहरण बनकर सामने आया है।

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