सतना। डिजिटल डेस्क
सतना जिले में लगातार बारिश के बीच नदी-नाले उफान पर हैं। प्रशासन की चेतावनी के बावजूद शुक्रवार रात एक ट्रक चालक ने पानी में डूबे गऊघाट पुल को पार करने की कोशिश की और ट्रक बीच बहाव में बंद हो गया। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी नागेश्वर मिश्रा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से चालक और क्लीनर को सुरक्षित बाहर निकाला।
पानी में डूबे पुल पर ट्रक लेकर पहुंचा चालक
घटना शुक्रवार रात करीब 11 बजे ताला थाना क्षेत्र के मुकुंदपुर से लगे गऊघाट पुल की है। लगातार बारिश के कारण मुरजुआ नदी उफान पर थी और पुल पानी के तेज बहाव में डूबा हुआ था।
इसके बावजूद ट्रक क्रमांक एमपी 19 जेडआर 7976 का चालक राकेश साहू, पुत्र सुंदरलाल साहू, उम्र 34 वर्ष, निवासी बहरी जिला सीधी, अपने सहयोगी इंद्रकुमार द्विवेदी, पुत्र गिरिजा प्रसाद, उम्र 28 वर्ष, निवासी सिहोलिया जिला सीधी के साथ ट्रक लेकर पुल पार करने लगा।
बताया गया कि ट्रक तेज रफ्तार में पानी के बीच करीब 300 मीटर आगे पहुंचा, तभी वह बंद हो गया। इसके बाद चालक और क्लीनर की जान खतरे में पड़ गई।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी
ट्रक के पानी में फंसने की जानकारी मौके पर मौजूद लोगों ने चौकी प्रभारी नागेश्वर मिश्रा को दी। सूचना मिलते ही वह अपने सहयोगियों के साथ गऊघाट पुल पहुंचे।
बचाव अभियान के दौरान ग्रामीणों की मदद से किनारे पर मजबूत रस्सी बांधी गई। इसके बाद चौकी प्रभारी तेज बहाव के बीच तैरते हुए ट्रक तक पहुंचे और चालक तथा क्लीनर को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला।
बचाव के दौरान चौकी प्रभारी के पैर में लगी चोट
चालक और क्लीनर को बाहर निकालने के दौरान चौकी प्रभारी नागेश्वर मिश्रा के पैर में गंभीर चोट लग गई। इसके बावजूद उन्होंने बचाव अभियान जारी रखा और दोनों को सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया।
जलस्तर कम होने के बाद शनिवार सुबह ट्रक को भी नदी के बहाव वाले हिस्से से बाहर खींच लिया गया।
ट्रक चालक के खिलाफ एफआईआर
पुलिस ने पानी में डूबे पुल से ट्रक निकालने की कोशिश को लापरवाही और मानव जीवन को खतरे में डालने से जुड़ा मामला माना है। मामले में चालक राकेश साहू के खिलाफ BNS की धारा 110 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच की जा रही है।
प्रशासन लगातार कर रहा है आवागमन को लेकर अपील
लगातार बारिश के कारण सतना और मैहर जिलों में कई नदी-नाले उफान पर हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को पुल, पुलिया और रपटों के ऊपर पानी होने की स्थिति में आवागमन नहीं करने की हिदायत दी जा रही है।
गऊघाट की यह घटना एक बार फिर बताती है कि तेज बहाव के बीच पानी से डूबे रास्ते को पार करने की कोशिश कितनी जोखिम भरी हो सकती है।