इंजीनियर से बहस के बाद विधायक ने गिनाई डिग्री, बोले- मैं आपसे ज्यादा पढ़ा हूं

सतना। डिजिटल डेस्क

मैहर-रीवा जिले की सीमा पर स्थित गोविंदगढ़ तालाब की मेढ़ में पानी रिसाव की खबर के बाद सोमवार शाम अमरपाटन विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान जल संसाधन विभाग के इंजीनियर से तालाब की स्थिति और रिसाव को रोकने की कार्ययोजना को लेकर उनकी बहस हो गई।

बातचीत के दौरान विधायक ने इंजीनियर से रिसाव को रोकने के उपायों की जानकारी मांगी। जानकारी साझा करने को लेकर असहमति के बाद विधायक नाराज हो गए और उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता का हवाला देते हुए कहा कि वे इंजीनियरिंग के साथ विदेश से पीएचडी कर चुके हैं।

इंजीनियर से बोले- तालाब बचाने का तरीका बताइए

निरीक्षण के दौरान विधायक ने जल संसाधन विभाग के इंजीनियर से तालाब की मेढ़ और पानी के रिसाव की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत तीखी हो गई।

वायरल वीडियो में विधायक इंजीनियर से रिसाव को रोकने के उपाय और आगे की कार्ययोजना के बारे में पूछते नजर आ रहे हैं। विधायक ने कहा कि उन्हें बताया जाए कि तालाब को बचाने के लिए विभाग के पास क्या तरीका है।

विधायक ने गिनाई अपनी डिग्री

बातचीत के दौरान विधायक ने अपनी शैक्षणिक योग्यता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ‘हम आपसे ज्यादा पढ़े-लिखे हैं’ और खुद को इंजीनियर बताते हुए विदेश से पीएचडी करने की बात कही।

विधायक ने बातचीत में संविधान का संदर्भ देते हुए भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि संभव है कि वे इंजीनियर से ज्यादा जानते हों, इसलिए उन्हें तकनीकी रूप से समझाया जाए कि तालाब के रिसाव को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

रिसाव वाले हिस्से में शुरू कराया गया काम

विवाद के बीच विधायक ने तालाब की मेढ़ के उस हिस्से का भी निरीक्षण किया, जहां से पानी रिसने की सूचना मिली थी। मौके पर मौजूद टीम ने रिसाव वाले स्थान पर पत्थर, कंक्रीट और सीमेंट की मदद से तत्काल उपचार का काम शुरू किया।

विधायक ने अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाकर सीपेज को नियंत्रित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी चर्चा की और स्थिति को लेकर घबराने की जरूरत नहीं होने की बात कही।

जांच में दो जगह मिला मामूली रिसाव

गोविंदगढ़ जलाशय में रिसाव की सूचना मिलने के बाद मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी के निर्देश पर अमरपाटन तहसीलदार प्रवीण त्रिपाठी जल संसाधन विभाग की टीम के साथ रविवार देर रात मौके पर पहुंचे थे।

टीम ने बांध की मेढ़ का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान बांध की आरडी 3750 से 3800 मीटर के बीच दो स्थानों पर मामूली जल रिसाव पाया गया।

अधिकारियों के अनुसार रिसाव की मात्रा आधे एचपी से भी कम बताई गई है। निरीक्षण के दौरान रिसाव की मात्रा में बढ़ोतरी नहीं मिली और निकल रहे पानी का रंग भी स्वच्छ पाया गया।

जल संसाधन विभाग ने स्थिति को बताया सामान्य

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मेढ़ में मिला रिसाव निर्धारित सीमा के भीतर है। निरीक्षण के दौरान बांध के क्षरण के कोई संकेत नहीं मिले हैं और फिलहाल किसी विषम परिस्थिति की संभावना नहीं बताई गई है।

विभाग के चीफ इंजीनियर बी.के. मंडोले ने भी स्थिति को सामान्य बताया है। उनके अनुसार मेढ़ में किसी बड़ी क्षति जैसी स्थिति नहीं है और रिसाव वाले स्थान पर आवश्यक उपचार कार्य कराया जा रहा है।

जलस्तर कम होने पर होगा स्थायी उपचार

जल संसाधन विभाग के अनुसार वर्तमान में रिसाव को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कार्य किया जा रहा है। रबी फसल की सिंचाई के बाद जलाशय का जलस्तर कम होने पर रिसाव वाले हिस्से का स्थायी उपचार कराया जाएगा। विभाग का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और अधिकारी लगातार जलाशय की निगरानी कर रहे हैं।

विधायक ने अफवाहों से बचने की अपील की

निरीक्षण के दौरान विधायक डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह ने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं। उन्होंने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैल रही अफवाहों पर भरोसा नहीं करने को कहा। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीम भी गोविंदगढ़ तालाब की मेढ़ और जलस्तर पर नजर बनाए हुए है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *