खंडवा। डिजिटल डेस्क
मध्य प्रदेश के खंडवा में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में एक व्यक्ति कुत्ते का कॉस्ट्यूम पहनकर पहुंच गया। उसे देखकर जनसुनवाई में मौजूद लोग और अधिकारी भी हैरान रह गए।
कुत्ते का कॉस्ट्यूम पहनकर जनसुनवाई में पहुंचा युवक
मामला 18 अगस्त 2026 को खंडवा कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई का है। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर एक युवक को कुत्ते का कॉस्ट्यूम पहनाकर अपने साथ जनसुनवाई में ले गए।
अनोखे प्रदर्शन को देखने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई। कई लोग युवक की तस्वीरें और वीडियो बनाने लगे। इस प्रदर्शन के जरिए शहर में बढ़ते आवारा कुत्तों के आतंक की ओर प्रशासन का ध्यान खींचने की कोशिश की गई।
आवारा कुत्तों की समस्या पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने प्रशासन को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि खंडवा शहर में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इनके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कुत्तों की नसबंदी के लिए नगर निगम की ओर से किए गए खर्च और उसके नतीजों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि अगर नसबंदी अभियान प्रभावी तरीके से चलाया गया है तो शहर में आवारा कुत्तों की समस्या कम क्यों नहीं हुई।
चार साल में 13 हजार से ज्यादा डॉग बाइट का दावा
ज्ञापन में मुल्लू राठौर ने दावा किया कि पिछले चार वर्षों में खंडवा में 13,225 लोग डॉग बाइट का शिकार हुए हैं। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे मामलों के कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में डर का माहौल है।
हालांकि यह आंकड़ा प्रदर्शनकारी नेता की ओर से प्रशासन के सामने रखे गए दावे का हिस्सा है। इसे आधिकारिक रूप से सत्यापित आंकड़े के तौर पर नहीं माना जा सकता, जब तक संबंधित विभाग इसकी पुष्टि न करे।
नसबंदी के खर्च में गड़बड़ी का आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने नगर निगम की नसबंदी व्यवस्था में कथित वित्तीय अनियमितता का आरोप भी लगाया। अलग-अलग रिपोर्टों में उनके आरोप के तहत करीब 40 लाख रुपये की राशि का जिक्र सामने आया है।
वहीं एक रिपोर्ट में 2024 में 3,168 कुत्तों की नसबंदी के लिए 33.20 लाख रुपये खर्च किए जाने का दावा बताया गया है। इन आंकड़ों और आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
टेंडर से लेकर नसबंदी तक जांच की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने प्रशासन से नसबंदी अभियान के खर्च की तकनीकी और वित्तीय जांच कराने की मांग की। इसके साथ ही टेंडर प्रक्रिया, संबंधित कंपनी की पात्रता और दस्तावेजों की जांच की मांग भी की गई है।
उन्होंने नसबंदी किए गए कुत्तों की वास्तविक संख्या का भौतिक सत्यापन कराने और काम में अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों तथा संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अपर कलेक्टर ने दिया जांच का भरोसा
मामले में अपर कलेक्टर काशीराम बडोले को ज्ञापन सौंपा गया। उन्होंने शिकायत की जांच कराने की बात कही है। प्रशासन की ओर से कहा गया कि जांच में यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ प्रदर्शन
कुत्ते के कॉस्ट्यूम में युवक का कलेक्ट्रेट पहुंचने का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी चर्चा में हैं। अनोखे तरीके से किए गए इस प्रदर्शन ने आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर लोगों का ध्यान खींचा है।
हालांकि इस पूरे मामले का मूल मुद्दा प्रदर्शन से ज्यादा शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या और उनके नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे नसबंदी अभियान की प्रभावशीलता है।