उत्तर प्रदेश को आज एक और आधुनिक एक्सप्रेसवे की सौगात मिलने जा रही है। करीब ₹4,200 करोड़ की लागत से बने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है। हालांकि 40 मिनट के दावे के बीच अधिकांश आधिकारिक रिपोर्टें करीब 45 मिनट से एक घंटे का अनुमान बता रही हैं।
आज होगा उद्घाटन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के बाद यह एक्सप्रेसवे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
कितना लंबा है एक्सप्रेसवे
यह एक्सप्रेसवे करीब 63 किलोमीटर लंबा है और छह लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे है, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकता है। परियोजना पर लगभग ₹4,200 करोड़ खर्च हुए हैं। इसमें करीब 17.5 किलोमीटर एलिवेटेड सेक्शन और लगभग 45 किलोमीटर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर शामिल है।
कितना कम होगा सफर
अब तक लखनऊ और कानपुर के बीच NH-27 से यात्रा में ट्रैफिक के कारण करीब ढाई से तीन घंटे तक लग जाते थे। नए एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद यात्रा का समय करीब 45 मिनट से 1 घंटे के बीच रहने की उम्मीद है। कुछ रिपोर्टों में आदर्श परिस्थितियों में 40 मिनट का दावा भी किया गया है, लेकिन अधिकांश आधिकारिक और मीडिया रिपोर्ट लगभग एक घंटे का अनुमान बता रही हैं।
कहां से कहां तक जाएगा एक्सप्रेसवे
एक्सप्रेसवे की शुरुआत लखनऊ के सरोजिनी नगर (अमौसी एयरपोर्ट के पास) से होती है और यह कानपुर के आजाद मार्ग तक जाता है। इसका आधिकारिक नाम नेशनल एक्सप्रेसवे-6 (NE-6) है। इससे दोनों शहरों के बीच की दूरी भी कम हो जाएगी।
कितना देना होगा टोल
कार, जीप और एसयूवी जैसे हल्के निजी वाहनों के लिए एक तरफ का टोल ₹275 निर्धारित किया गया है। पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग की तुलना में यह टोल अधिक है, लेकिन इसके बदले यात्रियों को समय की बड़ी बचत मिलेगी।
किन वाहनों को मिलेगी अनुमति
यह एक एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है। इस पर केवल चारपहिया और भारी वाहन चल सकेंगे। दोपहिया, तिपहिया और धीमी गति वाले वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी।
कितनी होगी स्पीड लिमिट
एक्सप्रेसवे पर अधिकतम गति सीमा 120 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है। हालांकि वास्तविक यात्रा समय ट्रैफिक, मौसम और सुरक्षा नियमों के पालन पर निर्भर करेगा।
उद्योग और व्यापार को भी मिलेगा लाभ
यह एक्सप्रेसवे केवल यात्रियों के लिए ही नहीं बल्कि औद्योगिक परिवहन के लिए भी अहम साबित होगा। कानपुर के औद्योगिक क्षेत्र, लखनऊ, बुंदेलखंड और अन्य इलाकों के बीच माल परिवहन तेज होगा। ट्रकों को शहरों के ट्रैफिक और नो-एंट्री जैसी समस्याओं से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
एक्सप्रेसवे की प्रमुख बातें
- लंबाई: 63 किमी
- लागत: लगभग ₹4,200 करोड़
- लेन: 6 (भविष्य में 8 लेन तक विस्तार योग्य)
- अधिकतम गति सीमा: 120 किमी/घंटा
- कार का एक तरफ का टोल: ₹275
- यात्रा समय: लगभग 45 मिनट से 1 घंटा
- उद्घाटन: 13 जुलाई 2026
- शुरुआत: सरोजिनी नगर, लखनऊ
- अंतिम बिंदु: आजाद मार्ग, कानपुर