कटनी। डिजिटल डेस्क
कभी एयर होस्टेस की नौकरी छोड़कर MPPSC में सफलता हासिल करने वालीं नेहा पच्चीसिया अब कटनी CSP के पद से जुड़े गंभीर आरोपों और पुलिस कार्रवाई के चलते चर्चा में हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 अगस्त 2026 को उनके खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
एयर होस्टेस की नौकरी छोड़ चुनी पुलिस सेवा
नेहा पच्चीसिया मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के पचोर क्षेत्र से आती हैं। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उनके पिता शिक्षक और मां गृहिणी हैं। चार बहनों में सबसे बड़ी नेहा ने शुरुआती दौर में एविएशन क्षेत्र में करियर बनाया था।
12वीं के बाद उन्होंने एविएशन से जुड़ी पढ़ाई की और एयर इंडिया में एयर होस्टेस के तौर पर काम किया। इसके बाद उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का फैसला किया। पुलिस सेवा में आने से पहले महिला एवं बाल विकास विभाग में भी काम करने का उल्लेख मिलता है।
MPPSC में हासिल की 20वीं रैंक
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार नेहा पच्चीसिया ने 2012 से 2016 के बीच MPPSC की परीक्षाओं की तैयारी और प्रयास किए। 2016 में उनका चयन हुआ और उन्होंने MPPSC में 20वीं रैंक हासिल की। इसके बाद उनका चयन मध्य प्रदेश पुलिस सेवा में DSP के रूप में हुआ।
पुलिस अधिकारी बनने के बाद उनका करियर आगे बढ़ता गया और अलग-अलग जिलों में जिम्मेदारियां मिलीं। कोरोना काल के दौरान उनके काम की चर्चा भी मीडिया रिपोर्टों में हुई है।
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गुना CSP रहते भी आईं चर्चा में
नेहा पच्चीसिया गुना में CSP के पद पर भी तैनात रहीं। उस दौरान महिला सुरक्षा से जुड़े कामों को लेकर उनकी चर्चा हुई। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने महिला शिकायतों के लिए मोबाइल पुलिस स्टेशन जैसी पहल भी की थी।
हालांकि, 2021 में गुना से उनके तबादले को लेकर भी विवाद सामने आया था। उस समय सोशल मीडिया पर उनके नाम से एक पोस्ट वायरल हुई थी। नेहा पच्चीसिया ने उस पोस्ट से खुद को अलग बताते हुए फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट का दावा किया था।
कटनी CSP के रूप में मई 2025 में संभाली जिम्मेदारी
2025 में नेहा पच्चीसिया को कटनी का नगर पुलिस अधीक्षक यानी CSP बनाया गया। उन्होंने मई 2025 में यह जिम्मेदारी संभाली थी। इससे पहले वह खंडवा में पदस्थ थीं।
कटनी में पदस्थ रहने के दौरान उनके कार्यक्षेत्र को लेकर प्रशासनिक बदलाव भी हुए। बाद में उनके अधिकार क्षेत्र के कुछ थानों का प्रभार वापस लिया गया। इस फैसले को लेकर उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था, लेकिन अदालत से उन्हें राहत नहीं मिली।
ट्रांसपोर्टर की शिकायत के बाद बढ़ी मुश्किलें
जुलाई 2026 में नेहा पच्चीसिया के कार्यक्षेत्र से जुड़ा एक और विवाद सामने आया। एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी की शिकायत में वाहन छोड़ने के बदले कथित तौर पर पैसे मांगने का आरोप लगाया गया।
इस मामले में उनके सरकारी ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई हुई और नेहा पच्चीसिया के अधिकार क्षेत्र में आने वाले थानों का प्रभार भी सीमित किया गया। मामले की जांच जबलपुर स्तर के अधिकारी को सौंपी गई।
इन आरोपों को लेकर यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ये शिकायत और जांच से जुड़े आरोप हैं, जिन्हें अंतिम रूप से न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।
हत्या के मामले से जुड़े जमीन सौदे ने बढ़ाया विवाद
इसके बाद मामला एक हत्या प्रकरण से जुड़े जमीन सौदे तक पहुंच गया। जांच में आरोप सामने आया कि हत्या के एक आरोपी के परिवार पर दबाव बनाकर कटनी के कन्हवारा क्षेत्र में स्थित जमीन को कथित तौर पर काफी कम कीमत पर रजिस्ट्री कराने की कोशिश की गई।
रिपोर्टों में जमीन का गाइडलाइन मूल्य करीब 82.86 लाख रुपये और कथित रजिस्ट्री राशि 18.20 लाख रुपये बताई गई है। इस पूरे मामले में पुलिस अधिकारी की भूमिका और जमीन सौदे से जुड़े लोगों के बीच लेनदेन की जांच की गई।
जांच के बाद तीन लोगों पर FIR
जबलपुर रेंज स्तर पर हुई जांच के बाद 20 अगस्त 2026 को कटनी के कुठला थाने में FIR दर्ज की गई। इसमें नेहा पच्चीसिया के अलावा क्षितिज राज बारापत्रे और मारूफ अहमद हनफी के नाम शामिल हैं।
पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की है। FIR के बाद कटनी स्थित CSP कार्यालय को भी सील किए जाने की रिपोर्ट सामने आई।
CM मोहन यादव ने दिए निलंबन के निर्देश
FIR के बाद मामला सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंचा। 21 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को नेहा पच्चीसिया के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, दबाव या पद के दुरुपयोग को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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एयर होस्टेस से खाकी तक का सफर अब जांच के दौर में
नेहा पच्चीसिया की कहानी का एक पक्ष वह है जिसमें राजगढ़ के छोटे शहर से निकलकर उन्होंने एयर होस्टेस की नौकरी की, फिर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की और MPPSC में 20वीं रैंक हासिल कर DSP का पद पाया।
दूसरा पक्ष उनका मौजूदा दौर है, जहां कटनी में दर्ज FIR, जमीन सौदे से जुड़े आरोप और मुख्यमंत्री के निलंबन निर्देशों के बाद उनका पुलिस करियर जांच के घेरे में है। अब इस मामले में आगे होने वाली विभागीय और आपराधिक जांच यह तय करेगी कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।