कटनी। डिजिटल डेस्क
कटनी की CSP नेहा पच्चीसिया के खिलाफ दर्ज FIR के बाद अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को नेहा पच्चीसिया के तत्काल निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर कटनी स्थित CSP कार्यालय को भी सीज कर दिया गया है।
FIR के बाद CM मोहन यादव ने लिया संज्ञान
कटनी CSP नेहा पच्चीसिया से जुड़े मामले को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को संबंधित CSP के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री की ओर से स्पष्ट किया गया है कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में लापरवाही, दबाव या पद के दुरुपयोग को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
तड़के सील किया गया CSP कार्यालय
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बीच पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर कटनी में CSP कार्यालय को सीज कर दिया गया। यह कार्रवाई FIR दर्ज होने के बाद की गई है।
बताया जा रहा है कि कार्यालय सील करने का उद्देश्य मामले से जुड़े रिकॉर्ड, केस डायरी, दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखना है, ताकि जांच के दौरान किसी तरह का हस्तक्षेप न हो।
मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ कार्यालय में मौजूद रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकते हैं।
82 लाख की जमीन 18.20 लाख में कराने का आरोप
पूरा मामला कटनी के कुठला थाना क्षेत्र में हत्या के एक मामले से जुड़े जमीन विवाद का है। आरोप है कि कन्हवारा स्थित जमीन, जिसकी गाइडलाइन कीमत करीब 82.86 लाख रुपये बताई गई है, उसे दबाव बनाकर महज 18.20 लाख रुपये में रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया की गई।
जांच में जमीन सौदे से जुड़े पैसों के लेनदेन और आरोपित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की गई। हालांकि, जमीन सौदे को लेकर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
तीन लोगों के खिलाफ पहले ही दर्ज हो चुकी है FIR
इस मामले में कटनी के कुठला थाने में CSP नेहा पच्चीसिया समेत क्षितिज राज बारापत्रे और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ FIR दर्ज की जा चुकी है।
पुलिस के अनुसार तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61, 198, 199(b), 308(7) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
FIR में धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और दबाव बनाकर जमीन सौदे से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।
विभागीय जांच और आगे की कार्रवाई
FIR के बाद अब पुलिस जांच के साथ विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई तेज होने की बात सामने आई है। मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मामले में अब जमीन के दस्तावेज, पैसों के लेनदेन, संबंधित अधिकारियों की भूमिका और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड जांच के दायरे में रहेंगे।
पहले भी शिकायतों को लेकर चर्चा में रही थीं CSP
नेहा पच्चीसिया इससे पहले भी शिकायतों को लेकर चर्चा में रही हैं। एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी की शिकायत के बाद उनके ड्राइवर को निलंबित किया गया था और CSP से तीन थानों का प्रभार वापस लिया गया था। इसके अलावा हत्या के एक मामले में समय पर चालान पेश नहीं होने और आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिलने का मामला भी जांच के दायरे में आया था।
अब जमीन सौदे से जुड़े मामले में FIR और मुख्यमंत्री के निलंबन के निर्देश के बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
यह भी पढ़ें: जमीन विवाद में कटनी CSP नेहा पच्चीसिया समेत 3 पर FIR