फर्जी वीजा-पासपोर्ट के जाल में फंसाकर 12.65 लाख की ठगी, पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा

पन्ना। डिजिटल डेस्क

विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर फर्जी वीजा और पासपोर्ट के जरिए पन्ना के दो युवकों से 12 लाख 65 हजार 900 रुपए की ठगी करने वाले गिरोह का बृजपुर पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में बिजनौर निवासी दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 9 लाख 50 हजार 400 रुपए, कार, चार मोबाइल फोन, 14 पासपोर्ट और फर्जी वीजा संबंधी दस्तावेज जब्त किए हैं।

यूके भेजने के नाम पर शुरू हुआ ठगी का खेल

मामला पन्ना जिले के बृजपुर थाना क्षेत्र के अहिरगवां कैंप का है। पुलिस के अनुसार फरियादी हीरामन मंडल उम्र 32 वर्ष, पिता गुरूपद मंडल ने अपने साथी देवानंद मंडल के साथ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में बताया गया कि दोनों यूके के लंदन में काम करने के उद्देश्य से वीजा बनवाना चाहते थे। इसी दौरान उन्हें एक एजेंट का मोबाइल नंबर मिला। आरोपियों से संपर्क होने के बाद उन्होंने विदेश भेजने और वीजा बनवाने का भरोसा दिलाया।

पुलिस के मुताबिक फरवरी 2026 से अप्रैल 2026 के बीच आरोपियों ने फोन और व्हाट्सऐप के जरिए दोनों युवकों से कुल 12 लाख 65 हजार 900 रुपए प्राप्त किए। इसमें 5 लाख रुपए दिल्ली के मयूर विहार मेट्रो स्टेशन के पास नकद लिए जाने की बात सामने आई है।

फर्जी बायोमेट्रिक सत्यापन और नकली पासपोर्ट

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने एनएचएफ प्राइवेट लिमिटेड के जरिए कथित तौर पर फर्जी बायोमेट्रिक सत्यापन भी कराया। इसके बाद पीड़ित को एक पासपोर्ट दिया गया, जिसमें फर्जी वीजा संबंधित दस्तावेज लगाए गए थे।

हीरामन मंडल जब 11 मई 2026 को अहमदाबाद से यूके जाने के लिए उड़ान भरने पहुंचा, तब इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसके पासपोर्ट की जांच की। जांच के दौरान दस्तावेज नकली पाए गए और उसे उड़ान भरने की अनुमति नहीं मिली।

इसके बाद भी आरोपियों की ओर से कथित तौर पर अतिरिक्त रकम की मांग जारी रही। परेशान होकर फरियादी ने 11 जून 2026 को बृजपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

तकनीकी साक्ष्यों से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

शिकायत के आधार पर बृजपुर थाना पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की जांच के लिए थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई और साइबर सेल पन्ना की मदद ली गई।

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य माध्यमों से जानकारी जुटाकर पहले आशु चौधरी (31) पिता चंद्रपाल सिंह, निवासी आजूपुरा जट, थाना हींगपुर दीपा, जिला बिजनौर को उत्तर प्रदेश के बिजनौर से पकड़ा।

पूछताछ में पुलिस के अनुसार आशु ने दोनों फरियादियों से कुल 12 लाख 65 हजार 900 रुपए लेने की बात बताई। इसमें से करीब 6 लाख 50 हजार रुपए आदिल उर्फ अली को देने की जानकारी सामने आई।

दूसरे आरोपी को भी पुलिस ने किया गिरफ्तार

आशु चौधरी से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके कथित साथी आदिल अली (36) पिता शमीम अहमद, निवासी कीरतपुर, जिला बिजनौर, हाल निवासी शिव विहार, करावल नगर को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से ठगी की रकम में से 9 लाख 50 हजार 400 रुपए, घटना में इस्तेमाल कार, चार मोबाइल फोन, 14 पासपोर्ट और पांच पासपोर्ट में वीजा संबंधी कागजात चस्पा होने के साथ अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं।

पुलिस अब जब्त किए गए पासपोर्ट और दस्तावेजों के संबंध में भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने कितने लोगों को इसी तरह विदेश भेजने के नाम पर निशाना बनाया था।

इनकी रही कार्रवाई में भूमिका

मामले के खुलासे में बृजपुर थाना प्रभारी सोनम शर्मा, प्रधान आरक्षक प्रदीप हरदेनिया, आरक्षक प्रभुदयाल और साइबर सेल पन्ना की टीम का योगदान रहा।

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