पेंच के कोर एरिया में अवैध मछली शिकार, 1 टन मछली से भरा वाहन जब्त

सिवनी। डिजिटल डेस्क

पेंच टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित कोर एरिया में बड़े पैमाने पर अवैध मत्स्याखेट का मामला सामने आया है। तोतलाडोह बांध से मछलियां पकड़कर ले जा रहे एक वाहन को पेंच टाइगर रिजर्व की टीम ने कोतवाली पुलिस की मदद से पकड़ा। वाहन से 1,044.700 किलो मछली बरामद हुई है।

30 से 40 नावों की मौजूदगी से शुरू हुई निगरानी

जानकारी के अनुसार पेंच टाइगर रिजर्व के कर्माझिरी परिक्षेत्र के गश्ती दल को तोतलाडोह बांध में करीब 30 से 40 नाव और बड़ी संख्या में मछुआरे दिखाई दिए।

कोर एरिया में इतनी संख्या में नावों की मौजूदगी के बाद पेंच प्रबंधन ने निगरानी बढ़ाई। कर्माझिरी, खिड़की और कुरई परिक्षेत्र की तीन टीमों ने गुमतरा से सिवनी मार्ग पर संदिग्ध वाहनों की निगरानी शुरू की।

सिवनी के बारापत्थर में पकड़ा गया वाहन

निगरानी के दौरान टीम ने एक संदिग्ध वाहन का पीछा किया। वाहन को सिवनी के बारापत्थर क्षेत्र में रोककर उसकी तलाशी ली गई। वाहन क्रमांक एमएच 02 एयू 7721 में 26 कैरेट, दो बड़े थैले और एक बड़े बोरे में मछलियां भरी मिलीं। विभाग के अनुसार बरामद मछलियों का कुल वजन 1,044.700 किलो यानी करीब 1.04 टन था।

एक आरोपी गिरफ्तार, तीन साथी फरार

कार्रवाई के दौरान छिंदवाड़ा जिले के ग्राम गुमतरा निवासी संजय टेकाम को पकड़ा गया। उसके खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजे जाने की जानकारी दी गई है।

वहीं, उसके तीन साथी मौके से फरार बताए गए हैं। विभाग की टीम अब फरार आरोपियों की तलाश के साथ ही अवैध मत्स्याखेट से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।

पहले भी जब्त हो चुकी हैं नाव और जाल

पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन के अनुसार अवैध मत्स्याखेट के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की गई है। अभियानों के दौरान अब तक 461 नाव और 28,039 जाल जब्त कर नष्ट किए जा चुके हैं।

इसके अलावा 25 वाहन भी जब्त किए गए हैं। पिछले वर्षों में अवैध मत्स्याखेट से जुड़े 57 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें 111 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हुई। विभाग के मुताबिक इनमें से नौ मामलों में 27 आरोपियों को न्यायालय द्वारा दोषी ठहराकर दंडित किया जा चुका है।

कोर एरिया में इतनी नावें पहुंचने पर सवाल

तोतलाडोह बांध का संबंधित कोर क्षेत्र आमजन के प्रवेश के लिए प्रतिबंधित है। ऐसे में वहां 30 से 40 नावों और बड़ी संख्या में मछुआरों की मौजूदगी ने निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

एक ओर पेंच प्रबंधन लगातार अवैध मत्स्याखेट के खिलाफ कार्रवाई का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रतिबंधित क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर गतिविधि सामने आना सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था के लिए चुनौती माना जा रहा है।

वन्यजीव क्षेत्र की सुरक्षा से भी जुड़ा मामला

प्रतिबंधित कोर एरिया में अवैध तरीके से प्रवेश कर बड़े पैमाने पर मत्स्याखेट किया जाना केवल मछली चोरी या अवैध शिकार तक सीमित मामला नहीं है। यह पेंच टाइगर रिजर्व के संवेदनशील वन क्षेत्र और वन्यजीवों की सुरक्षा से भी जुड़ा है।

फिलहाल विभाग की जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कोर एरिया में नावें और मछुआरे किस तरह पहुंचे और इस गतिविधि के पीछे कितने लोग शामिल हैं।

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