सतना। डिजिटल डेस्क
चित्रकूट पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उत्तर प्रदेश के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की बोलेरो, वारदात में इस्तेमाल कार और वाहन बेचने से मिली करीब 31 हजार रुपये की नकदी बरामद की है।
होटल के सामने खड़ी बोलेरो चोरी हुई थी
पुलिस के अनुसार हमीरपुर निवासी मानिकचंद्र राजपूत 11 अगस्त को परिवार के साथ बोलेरो क्रमांक UP 91 F 6135 से चित्रकूट आए थे। परिवार ने वाहन गुरुकृपा होटल के सामने खड़ा किया और परिक्रमा के लिए चला गया।
कुछ घंटे बाद वापस लौटने पर बोलेरो मौके से गायब मिली। आसपास तलाश करने के बाद भी वाहन का पता नहीं चला, जिसके बाद मानिकचंद्र ने चित्रकूट थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर वाहन की तलाश शुरू की।
CCTV फुटेज से संदिग्धों तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने डीएसपी आशुतोष त्यागी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की। टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के साथ घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले।
चोरों के संभावित भागने वाले रास्तों के फुटेज भी जांचे गए। इसी दौरान पुलिस को कुछ संदिग्धों के बारे में सुराग मिला, जिसके आधार पर उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी गई।
यूपी के पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने ओमजी उर्फ ओमप्रकाश अवस्थी, आदित्य सिंह उर्फ चंदन, रवि पाल, आलोक सिंह और सतीश उर्फ बबलू को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से जुड़े हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे अमावस्या के दौरान चित्रकूट पहुंचे थे। यहां रेकी करने के बाद कुछ अन्य साथियों के साथ मिलकर बोलेरो चोरी की और उसे उत्तर प्रदेश में बेच दिया।
रेकी में इस्तेमाल कार और 31 हजार रुपये बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से रेकी में इस्तेमाल की गई कार बरामद की है। इसके अलावा चोरी की गई बोलेरो को बेचने से प्राप्त करीब 31 हजार रुपये की नकदी भी जब्त की गई है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं और चोरी किए गए वाहनों को बेचने में कौन-कौन लोग मदद करते थे।
रिमांड पर लेकर गैंग के नेटवर्क की जांच
गिरफ्तार सभी पांच आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने उनका रिमांड मंजूर कराया है। पूछताछ के दौरान पुलिस फरार आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाने के साथ चित्रकूट में पहले हुई वाहन चोरी की घटनाओं से भी इनके कनेक्शन की जांच करेगी।
पुलिस की कार्रवाई में डीएसपी आशुतोष त्यागी, टीआई निलेश तिवारी, बरौंधा टीआई अभिनव सिंह, साइबर सेल प्रभारी अजीत सिंह, एएसआई केपी पांडेय समेत पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की भूमिका रही।
पहले की वाहन चोरियों से भी जुड़ सकते हैं तार
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। जांच का एक अहम बिंदु यह भी है कि क्या यही गिरोह चित्रकूट में पहले हुई अन्य वाहन चोरी की घटनाओं में शामिल रहा है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान में जुटी है।
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