सतना जिला अस्पताल की दोनों एनेस्थीसिया मशीनें खराब, सभी रूटीन ऑपरेशन मॉड्यूलर ओटी में शिफ्ट

सतना जिला अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। मेजर ऑपरेशन थिएटर की दोनों एनेस्थीसिया मशीनों के डिस्प्ले खराब होने के बाद अस्पताल प्रबंधन को सभी नियोजित (रूटीन) ऑपरेशन मॉड्यूलर ओटी में स्थानांतरित करने पड़े हैं।

मेजर ओटी की दोनों मशीनों का डिस्प्ले खराब

शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध जिला चिकित्सालय में निश्चेतना (एनेस्थीसिया) विभाग ने सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह को लिखित रूप से अवगत कराया है कि मेजर ऑपरेशन थिएटर में लगी दोनों एनेस्थीसिया मशीनों के डिस्प्ले खराब हो चुके हैं। विभाग का कहना है कि इस स्थिति में मशीनों का सुरक्षित और प्रभावी उपयोग संभव नहीं है।

एनेस्थीसिया मशीन किसी भी बड़ी सर्जरी के दौरान मरीज को सुरक्षित रूप से बेहोश रखने के साथ उसकी सांस, ऑक्सीजन, गैसों की मात्रा और अन्य महत्वपूर्ण पैरामीटर की लगातार निगरानी करती है। ऐसे में मशीन की तकनीकी खराबी मरीजों की सुरक्षा पर सीधा असर डाल सकती है।

हर महीने 4 से 5 बार आ रही तकनीकी खराबी

एनेस्थीसिया विभाग के अनुसार समस्या नई नहीं है। मेजर ओटी की मशीनों में लगभग हर महीने चार से पांच बार अलग-अलग तकनीकी खराबियां सामने आ रही हैं। बार-बार खराबी आने से ऑपरेशन थिएटर का काम प्रभावित हो रहा है और डॉक्टरों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है। विभाग ने मशीनों की विश्वसनीयता पर भी चिंता जताई है और जल्द स्थायी समाधान की आवश्यकता बताई है।

मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए ऑपरेशन किए गए शिफ्ट

मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अस्पताल ने फिलहाल सभी रूटीन ऑपरेशन मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर में स्थानांतरित कर दिए हैं। हालांकि विभाग का कहना है कि यह केवल अस्थायी व्यवस्था है। यदि मॉड्यूलर ओटी की एनेस्थीसिया मशीन में भी कोई तकनीकी खराबी आती है या मेजर ओटी की मशीनों की जल्द मरम्मत नहीं होती, तो अस्पताल को गैर-आपातकालीन (रूटीन) सर्जरी स्थगित करनी पड़ सकती है।

आपातकालीन सेवाओं पर भी बढ़ सकता है दबाव

अस्पताल ने फिलहाल आपातकालीन ऑपरेशन जारी रखने की बात कही है, लेकिन विभाग ने माना है कि सीमित संसाधनों के बीच निर्बाध सेवाएं देना लगातार चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। यदि रूटीन सर्जरी प्रभावित होती हैं तो पहले से ऑपरेशन का इंतजार कर रहे मरीजों की प्रतीक्षा अवधि बढ़ सकती है। इससे कई मरीजों की बीमारी गंभीर होने की आशंका भी बनी रहेगी।

जल्द मरम्मत की मांग

एनेस्थीसिया विभाग ने अस्पताल प्रबंधन से दोनों मशीनों की शीघ्र मरम्मत कराने या वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने का आग्रह किया है, ताकि ऑपरेशन सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो सकें और मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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