मध्यप्रदेश की मंत्री के विधानसभा क्षेत्र का ये हाल
सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले से स्वास्थ्य सुविधाओं और सड़क व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई है। कोठी तहसील की ग्राम पंचायत गौरैया के रामपुरा गांव में पैरालिसिस से पीड़ित बुजुर्ग महिला प्रेमवती त्रिवेदी की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों और ग्रामीणों को उन्हें चारपाई पर लिटाकर करीब डेढ़ किलोमीटर तक कीचड़ भरे कच्चे रास्ते से मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ा। वहां से उन्हें वाहन के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद गांव की बदहाल सड़क व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में है।
डेढ़ किलोमीटर तक चारपाई पर ले गए मरीज
शनिवार को प्रेमवती त्रिवेदी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों ने एंबुलेंस बुलाने की कोशिश की, लेकिन गांव तक जाने वाली सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहन अंदर नहीं पहुंच सका। इसके बाद ग्रामीणों ने चारपाई को ही सहारा बनाया और महिला को खाट पर लिटाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
बरसात में गांव का संपर्क टूट जाता है
ग्रामीणों के मुताबिक रामपुरा गांव में करीब 100 परिवार रहते हैं। गांव तक पहुंचने वाली लगभग 1.5 किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। बरसात में सड़क पर कीचड़ और फिसलन इतनी बढ़ जाती है कि एंबुलेंस समेत अन्य वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते।
ग्रामीणों का कहना है कि हर बारिश में मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को चारपाई या कंधों के सहारे मुख्य सड़क तक लाना मजबूरी बन जाती है।
20 साल पहले बनी थी सड़क, फिर नहीं हुई मरम्मत
ग्रामीण दुर्गेश त्रिवेदी के अनुसार, करीब 20 वर्ष पहले लोक निर्माण विभाग (PWD) ने यहां डब्ल्यूबीएम (WBM) सड़क बनाई थी। इसके बाद सड़क की कभी मरम्मत नहीं हुई। समय के साथ सड़क पूरी तरह उखड़ गई और अब कच्चे रास्ते में बदल चुकी है।
राज्यमंत्री के क्षेत्र का मामला
रामपुरा गांव नगरीय विकास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के विधानसभा क्षेत्र में आता है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार सरपंच, सचिव और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
वीडियो वायरल होने के बाद फिर उठे सवाल
घटना का वीडियो सामने आने के बाद गांव की बदहाल सड़क व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द पक्की सड़क बनाने और बारिश के दौरान आवागमन की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है ताकि भविष्य में किसी मरीज को इस तरह चारपाई पर अस्पताल न ले जाना पड़े।